-पत्ती,फल और बीज भी होता है काफी पौष्टिक -सहजन का अंग्रेजी नाम है मोरिंगा, फली से बनती है सब्जी-पीएम मोदी ने अपनी सेहत के टॉप सीक्रेट में लिया था इसका नाम
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों फिट इंडिया मूवमेंट के एक साल पूरा होने पर अपनी सेहत का राज कई हस्तियों के साथ शेयर किया। ऑनलाइन कॉन्फ्रेस में पीएम ने टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली और पैरालंपिक देवेंद्र झाझरिया के अलावा कई मॉडल और एक्टर से चर्चा की थी। इसमें कुछ न्यूट्रिशनिस्ट भी शामिल हुए। पीएम मोदी ने अपनी फिटनेस का टॉप सीक्रेट बताते हुए कहा था कि वह मोरिंगा के पराठे खाते हैं। इसके बाद से तमाम लोगों ने मोरिंगा यानी सहजन के प्रति दिलचस्पी बढ़ी है। हालांकि अभी गांवों में लोग सहजन की फलियों से बनी सब्जी का इस्तेमाल करते हैं लेकिन पीएम ने बताया था कि वह मोरिंगा की पत्तियों के बने पराठे का भी प्राय: इस्तेमाल करते हैं। इसके बाद से लोगों में मोरिंगा के पराठे के प्रति आकर्षण बढ़ा है। मेरठ और गाजियाबाद के तमाम किसान सहजन यानी मोरिंगा की कॉमर्शियल खेती करते हैं। उनका कहना है कि पीएम ने सहजन की जो उपयोगिता बतायी है उसके बाद से इसकी डिमांड बढ़ गयी है। मेरठ में राजपुरा ब्लॉक के गांव कबूलपुर निवासी मनीष ने 10 बीघा में सहजन की खेती की है। वह कहते हैं इससे उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है।
क्या है मोरिंगा, किन रोगों के इलाज में है कारगर
गौरतलब है कि मोरिंगा को पेड़ भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान आदि में पाया जाता है। इसे सहजन, सुजना, मुनगा आदि कहते हैं। अंग्रेजी में इसे मोरिंगा) या ड्रमस्टिक कहते हैं। औषधि या दवाएं बनाने के लिए इसके पेड़ के पत्ते, छाल, फूल, फल, बीज और जड़ सभी चीजों का उपयोग होता है। वैध मोरिंगा का उपयोग अस्थमा मधुमेह, मोटापा और कई अन्य बीमारियों को दूर करने केलिए दवाएं बनाने में करते हैं। मोरिंगा के बीजों के तेल का उपयोग खाद्य पदार्थों, इत्र और बालों की देखभाल के लिए भी किया जाता है। सहजन में पोषक तत्वों जैसे- प्रोटीन, ऑयरन, बीटा कैरोटीन, अमीनो एसिड, कैल्शियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम, विटामिन ए, सी और बी, एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल जैसे गुण पाए जाते हैं। इसमें संतरा और नींबू के मुकाबले 6 गुना अधिक विटामिन सी होता है।