मेरठ

मेरठ के फतेहपुर के जंगल में दिखे नर-मादा और शिशु तेंदुए, दहशत में लाेग

शाम होते ही ग्रामीण हो जाते हैं घरों में कैद, पशुओं को बांध रहे घर के भीतर आसपास के गांवों में ग्रामीण बरत रहे सतर्कता

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Feb 01, 2021
खेत में दिखा तेंदुआ

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
मेरठ ( meerut news ) जिस इलाकें में देर रात तक चहल-पहल होती थी, तेंदुए की दहशत से उसी इलाके में लोग शाम होते ही घरों में कैद हो रहे हैं। हालात यह हैं कि ग्रामीणों ने अपने बच्चों के घर से बाहर निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया है और पशुओं को घर के भीतर बांधने लगे हैं।

इन दिनों गांव फतेहपुर के जंगल में तेंदुआ दिखने से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। ग्रामीणों ने दूर खड़े होकर तेंदुए की वीडियो बनाई और इसको वन विभाग के अधिकारियों को दिखाया लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि उसके बाद भी विभाग कुछ करने को तैयार नहीं है।

ग्रामीणों के अनुसार जंगल में नर-मादा व एक शिशु तेंदुआ देखा गया है। आसपास के गांवों में लोगों ने ऐलान कर सतर्कता बरतने के लिए कहा है। बताया जा रहा है कि हस्तिनापुर रेंज से तेंदुआ भटककर गांव के जंगल में पहुंच गया है। थाना किठौर पुलिस भी मौके पर पहुंची।

फतेहपुर निवासी ग्रामीणों का कहना है कि सरसों के खेत में पेड़ के नीचे तेंदुआ होने की सूचना गांव में फैल गई। गांव के कुछ लोगों तेंदुआ को मोबाइल के कैमरे में कैद कर लिया रात होने पर लोग अपने-अपने घरों को लौट गए और तेंदुआ अंधेरे के कारण ओझल हो गया। गांव के लोगों ने तेंदुआ होने की सूचना वन विभाग व पुलिस-प्रशासन को दी। इंस्पेक्टर अरविद मोहन शर्मा पुलिस फोर्स व ग्रामीणों के साथ सरसों के खेत में पहुंचे और काम्बिंग की लेकिन सफलता नहीं मिली। वहीं कुछ लोगों ने लगातार कई दिन से तेंदुआ होने की जानकारी दी है।


सात वर्ष पूर्व इसी जंगल में पकड़ा गया था तेंदुआ
वर्ष 2014 में कुछ ही दूरी पर स्थित जड़ौदा-फतेहपुर जंगल में शिकारी के एक शिकंजे में तेंदुआ फंस गया था। लोगों को देख तेंदुआ शिकंजे को तोड़़ भाग निकला था। दिल्ली से आई स्पेशल टीम ने करीब 18 घंटे मशक्कत के बाद ट्रैंकुलाइजर गन से बेहोश कर उस तेंदुए पकड़ा था। उस समय तेंदुए ने चार लोगों को घायल किया था

Updated on:
01 Feb 2021 11:53 pm
Published on:
01 Feb 2021 11:43 pm
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