मेरठ

इतिहास में पहली बार बंद रहेंगे इस ऐतिहासिक शिवालय के कपाट

श्रावण मास काे लेकर मेरठ के सिद्धपीठ शिवालयों को खोलने की मांग।एसएसपी-डीएम को लिखा भक्तों और मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने पत्र

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Jul 05, 2020
meerut

मेरठ ( meerut news ) श्रावण मास आरम्भ हाे गया है। मेरठ के इतिहास में यह पहली बार है जब श्रावण मास में भक्तों के लिए शिवालयों में ताला लगा हुआ है। कोरोना वायरस ( Corona virus) के संक्रमण काे देखते हुए मेरठ के प्रमुख शिवालय और प्रमुख मंदिरों को खोलने की इजाजत अभी जिला प्रशासन ने नहीं दी है। इसके चलते शिवभक्तों ने अपने जिलाधिकारी काे एसएससपी काे पत्र लिखा है।

भक्ताें के साथ-साथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने शिव मंदिरों को खोले जाने की मांग की है। औघड़नाथ मंदिर (Temple) समिति के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी अनिल ढींगरा, एसएसपी अजय साहनी व छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी प्रसाद चव्हाण को पत्र लिखकर मंदिर की व्यवस्था व इसे भक्तों के लिये खोलने की मांग की है। समिति पदाधिकारियाें ने कहा है कि इस दाैरान साेशल डिस्टेसिंग का पूरा पालन किया जाएगा।

जिलाधिकारी काे लिखे पत्र में महामंत्री सतीश सिंघल ने कहा है कि औघड़नाथ मन्दिर एक प्राचीन सिद्धपीठ मंदिर है। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम 1857 का उदगम स्थल भी है। भक्तों की इस मंदिर में अपार श्रद्धा है। श्रावण मांस की पूर्व संध्या पर लिखे गए इस मांग पत्र में कहा गया है कि, भक्तों की भावनाओं को देखते हुए इस मंदिर को खोलने की अनुमति दी जाए। इसके अतिरिक्त उन्होंने प्रशासन से मन्दिर मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था भी कराए जाने की मांग की है।

Updated on:
05 Jul 2020 10:35 pm
Published on:
05 Jul 2020 10:33 pm
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