रासुका लगने के बाद पहली बार कचहरी में पेशी हुर्इ बसपा के पूर्व विधायक की
मेरठ। एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के बाद दो अप्रैल को दलित समाज के भारत बंद के दौरान मेरठ में हुए बवाल के मुख्य आरोपी रूप में जेल भेजे गए बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा पर जिला प्रशासन ने रासुका लगार्इ है। पहली बार जेल से कचहरी में पेशी पर आए मायावती के इस खास सिपाही से मिलने के लिए कचहरी परिसर में समर्थकों की काफी भीड़ थी। पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने अपने समर्थकों सेे कहा कि 2019 चुनाव की तैयारी करो, पुलिस ने बेकसूर लोगों पर जुर्म किया है, इसका बदला लिया जाएगा। अपना हक मांगने पर पुलिस ने पहले पीटा आैर फिर रासुका लगा दी। उनको 2019 चुनाव से रोकने की भी तैयारी की जा रही है। अपने समर्थकों से योगेश वर्मा ने कहा कि टेंशन मत लो आैर धैर्य रखो। 2019 का चुनाव आने वाला है, उसकी तैयारी में जुट जाआे। पुलिस भी यही रहेगी आैर हम भी यहीं रहेंगे। दो अप्रैल को पुलिस ने कितना जुर्म किया है, सबने देखा है। उन्होंने हमेशा हक की लड़ार्इ लड़ी है, पुलिस वालों से चुन-चुनकर बदला लिया जाएगा।
मैंने दंगा नहीं भड़काया
योगेश ने कहा कि जनता सब जानती है कि मैंने दंगा नहीं भड़काया नहीं बल्कि शहर काे बचाने में मदद की थी।उन्होंने आरोप लगाया की भाजपा के कुछ लोगों ने यहां दंगा कराया, जिसका जवाब जनता 2019 के चुनाव में भाजपा को दे देगी। भाजपा की सत्ता के दबाव में पुलिस व प्रशासन काम कर रहा है, मैं उन लोगों को जानता हूं, जिन्होंने मेरे साथ एेसा किया है।