मेरठ

Sushma Swaraj ने पार्टी कार्यकर्ताआें में भरा था एेसा जोश कि इन्हें याद आ रहे हैं वे शब्द

खास बातें पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निधन पर हर कोर्इ स्तब्ध भाजपा कार्यकर्ताआें के साथ बैठक में उन्होंने कही थी कर्इ बातें चुनाव प्रचार खत्म के दौरान जनता को संबोधित नहीं कर पायी थी

2 min read
Aug 07, 2019

मेरठ। भाजपा की वरिष्ठ नेता आैर पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निधन से हर कोर्इ स्तब्ध है। मेरठ में भी कर्इ बार आयी आैर पार्टी कार्यकर्ताआे के साथ बैठक करके उन्होंने समर्पित भाव से अपना दायित्व निभाने की अपील की थी। सुषमा स्वराज यहां पहली बार 1996 में आयी थी। उस समय वह कैंट प्रत्याशी अमित अग्रवाल के समर्थन में उन्हें जनसभा को संबोधित करना था, लेकिन प्रचार समय सीमा समाप्त होने के बाद वह कार्यकर्ताआें के साथ बैठक करके लौट गर्इ थी।

'कार्यकर्ता की मजबूती पार्टी की मजबूती'

सुषमा स्वराज जब 1996 में पहली बार आयी थी तो दिल्ली से आते समय मेरठ में उनका जोरदार स्वागत कार्यकर्ताआें ने किया था। प्रचार समय सीमा खत्म होने के कारण कार्यकर्ताआें से बैठक करके वह लौट गर्इ थी। उन्होंने कार्यकर्ताआे से कहा था कि हर कार्यकर्ता की मजबूती पार्टी की मजबूती होगी। पार्टी के लिए हर कार्यकर्ता अपना दायित्व निभाए। अधिक से अधिक युवाआें को पार्टी से जोड़ने की भी बात कही थी। साथ ही उन्होंने महिला संगठन को भी मजबूत करने को कहा था।

2010 में जनसंघ के कार्यक्रम में आयी

2010 में भी पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जनसंघ के कार्यक्रम में मेरठ आयी थी। इस कार्यक्रम में भी उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताआें से कहा था कि हमें लगन के साथ काम करना है। कभी पीछे मुड़कर मत देखना। कार्यकर्ताआें से वह खुलकर बातचीत करती थी आैर उनकी समस्याएं भी सुनती थी। उनके शहर में आने पर महिलाआें की अच्छी-खासी भीड़ हो जाया करती थी। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज इनके अलावा भी कुछ निजी कार्यक्रमों में मेरठ आयी थी।

इन्होंने एेसा कहा

सांसद राजेंद्र अग्रवाल का कहना है कि सुषमा जी की कमी कभी पूरी नहीं हो सकेगी। पहली बार जब मैं सांसद चुना गया था तो लोक सभा में वह मेरी मार्गदर्शक रही। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि सुषमा जी मातृत्व व अपनत्व की नेता थी। वह विदेश मंत्री होते हुए भी जनता के लिए हमेशा उपलब्ध रहती थी आैर उनकी समस्याएं सुनती थी आैर उनका निराकरण करती थी।

UP News से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Uttar Pradesh Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर ..

Published on:
07 Aug 2019 12:05 pm
Also Read
View All