गणेश चतुर्थी पर गणेश पूजा और उनके दर्शन के दौरान अगर आपने गणेश जी के पीठ का दर्शन किया तो आपके लिए यह कष्टकारी सिद्ध हो सकता है।
मेरठ। आज Ganesh Chaturthi धूमधाम से मनाई जा रही है। आज से दस दिन तक हर घर में गणेश जी का वास होगा। लोगों ने गणेश की प्रतिमा की स्थापना अपने घर में पूजा-पाठ कर मंत्रोच्चारण के बीच कर रहे हैं। ऐसे में क्या आप जानते हैं कि गणेश जी के शरीर का प्रत्येक भाग ब्रह्मांड और मानव शरीर के किसी भी रूप को प्रकट करने वाला है। इन दस दिनों में गणेश पूजा और उनके दर्शन के दौरान अगर आपने गणेश जी के शरीर के इस भाग का दर्शन किया तो आपके लिए यह कष्टकारी सिद्ध हो सकता है। गणेश के शरीर के इस भाग के दर्शन करने से धनवान भी दरिद्र हो सकता है। इसलिए गणेश जी के शरीर के इस भाग के दर्शन भूलकर भी न करें। 13 सितंबर से दस दिन तक गणेश जी का वास होता है आैर इन दिनों में गणेश जी की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए।
गणेश जी के दर्शन से होते हैं पाप नष्ट
पंडित कैलाश नाथ द्विवेदी के अनुसार गणेश के दर्शन मात्र से हमारे सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और अक्षय पुण्य प्राप्त होता है। गणेशजी सभी सुखों को देने वाले माने गए हैं। अपने भक्तों के दुखों को दूर करते हैं और शत्रुओं से रक्षा करते हैं। इनके नित्य दर्शन से हमारा मन शांत रहता है और सभी कार्य सफल होते हैं, लेकिन इनकी पीठ के दर्शन नहीं करना चाहिए। गणेशजी को रिद्धि-सिद्धि का दाता माना गया है। इनकी पीठ के दर्शन करना वर्जित किया गया है।
जीवन और ब्रह्मांड से जुड़े अंगों का वास
गणेशजी के शरीर पर जीवन और ब्रह्मांड से जुड़े अंग निवास करते हैं। गणेशजी की सूंड पर धर्म विद्यमान है तो कानों पर ऋचाएं, दाएं हाथ में वर, बाएं हाथ में अन्न, पेट में समृद्धि, नाभी में ब्रह्मांड, आंखों में लक्ष्य, पैरों में सातों लोक और मस्तक में ब्रह्मलोक विद्यमान है। गणेशजी के सामने से दर्शन करने पर उपरोक्त सभी सुख-शांति और समृद्धि प्राप्त हो जाती है।
पीठ पर होता है दरिद्रता का निवास
पंडित द्विवेदी के अनुसार ऐसा माना जाता है श्रीगणेश की पीठ पर दरिद्रता का निवास होता है। गणेशजी की पीठ के दर्शन करने वाला व्यक्ति यदि बहुत धनवान भी हो तो उसके घर पर दरिद्रता का प्रभाव बढ़ जाता है। इसी वजह से इनकी पीठ नहीं देखना चाहिए। जाने-अनजाने पीठ देख ले तो श्री गणेश से क्षमा याचना कर उनका पूजन करें। तब बुरा प्रभाव नष्ट होगा।