Highlights -मेरठ, गाजियाबाद और नोएडा में पिछले 15 दिन में ब्रिटेन से आए 100 से अधिक लोग -नए स्ट्रेन को लेकर सरकार ने जारी किए सख्त निर्देश -नियमित निगरानी के बाद जिला प्रशासन भी सख्ती की राह पर
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ। मेरठ में बढ़ रही विदेश से आने वालों की तादात के बीच कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन की चुनौतियों के बीच अब शासन की ओर से जारी दिशा—निर्देश पर स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड पर आ चुका है। नए स्ट्रेन को लेकर सरकार ने भी सख्ती के निर्देश जारी कर दिए है। पश्चिम उप्र के तीन जिलों मेरठ, गाजियाबाद और नोएडा में ही कोरोना के नए स्ट्रेन से जूझ रहे ब्रिटेन से सौ से अधिक लोग पिछले 15 दिनों में आ चुके हैं। जो लोगों के लिए काफी चुनौती बने हुए हैं। हालांंकि, केंद्र सरकार से सूची मिलने के बाद ऐसे लोगों को चिन्हित किया जा रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य महकमे को अलर्ट कर नियमित निगरानी को बढ़ावा देने के शीर्ष स्तर के निर्देश के बाद जिला प्रशासन भी सख्ती की राह पर है।
वहीं सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश जारी किए हैं। जिसमें कहा गया है कि कोरोना के नए स्ट्रेन को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जाए। उन्होंने कोविड चिकित्सालय की व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। सभी जिलों के सीएमओ को कोरोना के नए स्ट्रेन की जांच के लिए आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अलावा टेस्टिंग कार्य को पूरी क्षमता से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसे अलावा रैपिड एन्टीजन टेस्ट की संख्या में वृद्धि करने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिलों में आरटीपीसीआर टेस्ट को भी पूरी क्षमता से करने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ मेरठ डा0 अखिलेश मोहन ने बताया कि जिले में विदेश से आए सभी लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है। सभी के कोरोना टेस्ट कराए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कोविड-19 से बचाव के सम्बन्ध में लोगों को निरन्तर जागरूक किया जा रहा है। जनपद स्तर पर इन्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर को पूरी सक्रिय और संचालित है। वहीं जिलाधिकारी के बालाजी भी प्रतिदिन अनिवार्य रूप से सुबह कोविड चिकित्सालय में तथा शाम को इन्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर में बैठक आयोजित कर कार्यों की समीक्षा कर आगे की रणनीति तय कर रहे हैंं।