इस साल मेरठ जनपद में स्वाइन फ्लू से हुर्इ पहली मौत, विभाग ने निपटने के लिए कसी कमर
मेरठ। स्वाइन फ्लू से पीड़ित प्राइवेट अस्पताल में एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस साल स्वाइन फ्लू से होने वाली यह पहली मौत है। स्वाइन फ्लू से मौत पर स्वास्थ विभाग में हड़कंप मच गया है। पिछले साल भी स्वाइन फ्लू का मेरठ व आसपास के इलाकों में बहुत प्रकोप था आैर 150 से ज्यादा मरीज मेडिकल कालेज व अन्य निजी अस्पताल में भर्ती किए गए थे, इनमें से एक चौथार्इ मरीजों की मौत हो गर्इ थी।
43 सेंपलों की जांच
मेरठ में स्वाइन फ्लू के 43 संदिग्ध सेंपलों की जांच की गई। जिनमें छह में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इनमें माधवपुरम निवासी रामप्रकाश को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह फेफड़े के संक्रमण से पीड़ित थे।माधवपुरम निवासी रामप्रकाश को 16 जनवरी को मेडिकल कालेज के माइक्रो बाॅयाेलोजिस्ट डा. अमित गर्ग ने एच1 एन1 की पुष्टि की थी। तब से उनका इलाज निजी प्राइवेट अस्पताल में चल रहा था। सांस फूलने पर उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था। जहां उनकी मौत हो गई।
टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर
स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू से बचने व इससे संबंधित किसी भी परेशानी या समस्या का समाधान प्राप्त करने के उद्देश्य से 18001805145 नंबर जारी किया है। इस टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर पर स्वाइन फ्लू से निपटने और सावधानी बरतने की पूरी जानकारी लोगों को मिलेगी। अगर कोई समस्या आती है तो लोग अपने यहां के सीएमओ के कार्यालय में खुले कंट्रोल रूम में संपर्क कर सकते हैं।
ये हैं लक्षण
इस बीमारी के लक्षण बहुत देर बाद पता चलते हैं। मगर इससे पहले इससे पीड़ित व्यक्ति यहीं समझता है कि ठंड के कारण उसे ऐसी तकलीफ हो रही है। लेकिन अगर सिर में दर्द, तेज बुखार, जुखाम, खांसी, बदन दर्द, गले में खराश, सांस लेने में परेशानी हो रही हो। सीने में दर्द, ब्लडप्रेशर में लगातार गिरावट हो रही है तो तुरंत जांच करानी चाहिए। ये लक्षण स्वाइन फ्लू के हो सकते हैं।
सीएमआे ने कहा
सीएमओ डा. राजकुमार ने बताया कि स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए सभी सीएचसी, पीएचसी को सतर्क कर दिया गया है। टेमी फ्लू टेबलेट का पूरा स्टाक मौजूद है। डीजी हेेल्थ डा. पदमाकर ने सभी जनपदों को स्वाइन फ्लू से निपटने के जरूरी सभी उपायों को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं।