राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या 30 जनवरी 1948 को हुर्इ थी
मेरठ। 15 नवंबर 1949 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे को फांसी दिए जाने वाली तारीख को अखिल भारत हिन्दू महासभा ने बलिदान दिवस के रूप में मनाया। इस मौके पर संगठन ने नाथूराम गोडसे को महान विचारक बताया आैर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मेरठ का नाम गोडसे नगर रखने की भी मांग कर डाली। 30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या नाथूराम गोडसे ने की थी।
बलिदान दिवस पर कार्यक्रम आयोजित
शारदा रोड स्थित संगठन के कार्यालय में गुरुवार को नाथूराम गोडसे के बलिदान दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पंडित अशोक शर्मा ने कहा कि नाथूराम गोडसे एक महान विचारक थे। हम गोडसे आैर सावरकर के उपासक हैं। हमारी इतनी मांग है कि गोडसे का नाम सम्मानित रूप से लिया जाए। एेसा नहीं करने वालों को गांधी की तरह वहीं पहुंचाने का काम भी कर सकते हैं। उन्होंने मेरठ का नाम गोडसे नगर रखने की भी मुख्यमंत्री से मांग की। कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री मुन्ना कुमार शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष योगेंद्र वर्मा, अभिषेक अग्रवाल समेत अनेक लोग उपस्थित थे।
सम्मान से लिया जाए गोडसे का नाम
अखिल भारत हिन्दू महासभा ने जब भी नाथूराम गोडसे को लेकर कार्यक्रम किया, प्रशासन की नजर में किरकिरी बन गया। इसी तरह इसी साल अगस्त में मुस्लिमों की शरीयत कोर्ट की तर्ज पर प्रथम हिन्दू अदालत शुरू करने की इस संगठन ने घोषणा की थी, इसमें बाकायदा महिला जज डा. पूजा शकुल पांडे की भी नियुक्ति कर दी गर्इ थी। संगठन का कहना है कि हिन्दुआें से जुड़े मामले इस अदालत में निबटाए जाएंगे। इससे पहले यह संगठन नाथूराम गोडसे का मंदिर बनाने का प्रयास भी कर चुका है, जिसे पुलिस प्रशासन ने रुकवा दिया था। यहां स्थापित गोडसे की मूर्ति की रोजाना पूजा भी की जाती है।