मेरठ

Holi 2018: होली खेलने से पहले पढ़ेें यह खबर, इन रंगों में होता है केमिकल, कैंसर का भी है खतरा

हरे रंग में कॉपर सल्फेट होता है, जो एलर्जी और अंधापन करता है, काले रंग से गुर्दों को नुकसान पहुंचता है

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Mar 01, 2018

मेरठ। इस बार होली पर लोग केमिकल युक्त रंगों से बच रहे हैं। ऐसा बाजार में बिक रहे रंगों को देखकर प्रतीत होता है। बाजार में भी नान टाॅक्सिस कलर के पैकेट और हर्बल रंग के पैकेटों की बेहद डिमांड है। होली के दिन करीब आ रहे हैं। लोगों पर होली का खुमार बढ़ता जा रहा है। होली की तैयारी भी बढ़ती जा रही है। होली के दिन गुलाल की मस्ती मजे को दोगुना कर देती है। इस बार बाजार में तरह-तरह के रंग देखने को मिल रहे हैं, लेकिन इन रंगों को खरीदने में लोग बहुत सावधानी बरत रहे हैं। थोड़ी सी असावधानी से केमिकल का रंग चेहरे की रंगत को बिगाड़ सकता है।

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हर्बल रंगों के प्रयोग की सलाह

बाजार में मिलने वाले केमिकल युक्त रंगों में कांच पाउडर और तरह-तरह के केमिकल का मिश्रण होता है। चिकित्सक भी केमिकल युक्त रंगों की जगह पर हर्बल के रंगों का प्रयोग करने की सलाह देते हैं। इन हर्बल रंगों से होली खेलते समय चेहरे व शरीर की त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचता। त्वचा विशेषज्ञ डाॅ. संजीव शर्मा के अनुसार, केमिकल रंगों का त्वचा के साथ शरीर पर बुरा असर पड़ता है, जो बाद में आसानी से उतर नहीं पाता है इसलिए होली पर हर्बल और प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करना चाहिए।

हरे रंग में होता है कॉपर सल्फेट

उन्होंने बताया कि हरे रंग में कॉपर सल्फेट होता है, जो एलर्जी और अंधापन करता है। काले रंग से गुर्दों को नुकसान पहुंचता है। लाल रंग में मरक्यूरिक ऑक्साइड होता है। इससे त्वचा के कैंसर का खतरा होता है। उन्‍होंने बताया कि सिल्वर रंग में एल्‍यूमिनियम ब्रोमाइड होता है, जो त्वचा का कैंसर करता है।

होली खेलने से पहले बरतें सावधानियां
होली खेलने से पहले चेहरे, बालों और शरीर पर सरसों या नारियल का तेल अच्छी प्रकार से लगा लें। इससे होली खेलने के बाद रंग आसानी से उतर जाता है। इससे त्वचा को नुकसान भी नहीं पहुंचता है।

ये रंग बना लोगों की पसंद

वहीं, मार्केट में रंग बेचने वाली दुकानदार इंद्रा देवी का कहना है कि इस बार हर्बल युक्त और नान टाॅक्सिक रंगों की डिमांड अधिक है। तीस रुपये के पैकेट में मिलने वाले ये रंग लोगों की पसंद बने हुए हैं। लोग खुले रंग की अपेक्षा इन पैकेट की डिमांड अधिक कर रहे हैं। इस बार ऐसे गुलाल की अधिक डिमांड है।

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Updated on:
01 Mar 2018 09:43 am
Published on:
01 Mar 2018 09:41 am
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