
मुस्कान और साहिल जिन्होंने सौरभ की हत्या करने के बाद नीले ड्रम में भरा, केस अपडेट। फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज
Muskan Blue Drum Case Latest Update: उत्तर प्रदेश के मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में हुए बहुचर्चित ‘नीले ड्रम’ सौरभ हत्याकांड में मंगलवार को एक अहम मोड़ देखने को मिला। करीब 13 महीने बाद हत्यारोपी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान मृतक सौरभ की मां रेनू और भाई बबलू भी अदालत पहुंचे।
जैसे ही सौरभ की मां की नजर आरोपियों पर पड़ी, वह खुद को रोक नहीं सकीं और फूट-फूटकर रो पड़ीं। उन्होंने भावुक होकर आरोपियों को खरी-खोटी सुनाई और अपने बेटे के लिए न्याय की मांग करते हुए कहा कि दोनों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, ''मेरे बेटे के टुकड़े कर नीले ड्रम में भरा है, इन्हें फांसी होनी चाहिए।''
यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब सौरभ की हत्या कर उसके शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपा दिए गए थे। पुलिस ने इस जघन्य वारदात का खुलासा करते हुए 19 मार्च 2025 को ब्रह्मपुरी थाने में मृतक के भाई बबलू की तहरीर पर मामला दर्ज किया था। इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, जहां से अब तक वे न्यायिक हिरासत में हैं।
इस सुनवाई के दौरान एक भावुक दृश्य भी सामने आया। आरोपी मुस्कान रस्तोगी अपनी छह माह की मासूम बेटी को गोद में लेकर कोर्ट पहुंची। बताया गया कि मुस्कान ने न्यायिक हिरासत के दौरान ही बच्ची को जन्म दिया था। अदालत परिसर में पेशी के दौरान बच्ची रोती नजर आई, जबकि मां मुस्कान शांत दिखाई दी।
दोपहर करीब 2:40 बजे जब पुलिस सुरक्षा में दोनों आरोपियों को कोर्ट लाया गया, उसी समय सौरभ की मां और भाई भी वहां मौजूद थे। मां रेनू ने आरोपियों के पीछे चलते हुए उन्हें कोसा और रोते हुए कहा कि उन्होंने उनके बेटे के टुकड़े कर दिए। इस दौरान माहौल भावुक और तनावपूर्ण हो गया।
मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुपम कुमार की अदालत में चल रही है। इस दौरान अदालत ने दोनों आरोपियों से गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर 32-32 सवाल पूछे। इनमें नीले ड्रम की खरीद, चाकू और सीमेंट खरीदने, नशीली दवा लेने, हत्या करने और शव के टुकड़े कर ठिकाने लगाने जैसे गंभीर मुद्दे शामिल थे। हालांकि, दोनों आरोपियों ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया और कहा कि उन्हें रंजिश के तहत फंसाया गया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार चौबे ने बताया कि इससे पहले आरोपियों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई जा रही थी। दरअसल, 19 मार्च 2025 को कोर्ट में पेशी के दौरान वकीलों ने साहिल शुक्ला की पिटाई कर दी थी, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। इसके बाद सुरक्षा कारणों से उन्हें अदालत में पेश नहीं किया जा रहा था।
इस केस में अब तक 22 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। फिलहाल भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 351 के तहत आरोपियों से पूछताछ की प्रक्रिया चल रही है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 अप्रैल को तय की गई है। यदि आरोपी अपने बचाव में कोई गवाह या साक्ष्य पेश नहीं करते हैं, तो इसके बाद अंतिम बहस की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
इस पूरे मामले में सौरभ का परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। मां का कहना है कि उनके बेटे के साथ हुई बर्बरता को देखते हुए आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। अब सभी की निगाहें अदालत के अगले फैसले पर टिकी हैं।
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Updated on:
22 Apr 2026, 10:04 AM IST
Published on:
22 Apr 2026, 10:04 AM IST
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