मेरठ

Home Minister अमित शाह ने Corona के बढ़ते केसों पर ली जानकारी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जाना मेरठ का हाल

Highlights: -कमिश्नर और डीएम समेत अधिकारियों ने बताया मेरठ का हाल -गृहमंत्री अमित शाह बोले हर हाल में रोके कोरोना संक्रमण -लापरवाही करने वाले अधिकारी बर्दाश्त से होंगे बाहर

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Jun 18, 2020

मेरठ। मेरठ और एनसीआर के जिलों में कोरोना संक्रमण के तेजी से फैलने तथा उससे हो रहीं लगातार मौतों का सिलसिला किसी से छिपा नहीं है। जिसके चलते प्रदेश सरकार ने भी उच्चाधिकारियों की विशेष टीम यहां भेज रखी है। मेडिकल कालेज में इलाज में लापरवाही के आरोप वाले तमाम वीडियो वायरल हो चुके हैं। सरकार और प्रशासन सुधार के दावे भी करता है लेकिन न तो संक्रमण कम होता दिखाई दे रहा है और न ही कोराना पीड़ित मरीजों की मौत का सिलसिला ही रूक रहा है। इसी को लेकर गुरुवार को केंद्रीय गृहमंत्री ने मेरठ समेत एनसीआर के गाजियाबाद, नोएडा के साथ अन्य जिलों की समीक्षा बैठक की।

गृहमंत्री की समीक्षा बैठक 11 बजे शुरू हुई । जिसमें कमिश्नर अनिता सी मेश्राम के अलावा डीएम मेरठ अनिल ढींगरा, सीएमओ मेरठ डा. राजकुमार और एसएसपी अजय साहनी शामिल हुए। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि मेरठ में हर हाल में संक्रमण रोकना चाहिए। संक्रमण नहीं रोकने की स्थिति में लापरवाह अधिकारी बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मेरठ में हो रही कोरोना से मौतें गंभीर बात है। ऐसा नहीं होना चाहिए। इसके लिए उन्होंने सीएमओ से जानकारी मांगी।

सरकारी आंकड़ों की बात करें तो बुधवार तक मेरठ में 55 लोगों की मौत कोरोना संक्रमण से हो चुकी है। संक्रमण के फैलान और पीड़ितों की मौत के लिए इलाज में लापरवाही के आरोप बार बार लग रहे हैं। इन हालात की जानकारी दिल्ली में बैठे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने समीक्षा बैठक में ली। बैठक की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बैठक में मेरठ मंडल के मेरठ, बागपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर, हरियाणा के फरीदाबाद, गुड़गांव, सोनीपत और झज्झर आदि जनपदों के डीएम और एसएसपी, इन मंडलों के कमिश्नर के साथ साथ केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव, दिल्ली एनसीटी के मुख्य सचिव, दिल्ली एनसीटी के पुलिस कमिश्नर, गुड़गांव, फरीदाबाद और मेरठ के कमिश्नर, गुड़गांव के पुलिस कमिश्नर आदि शामिल हुए।

इन चीजों पर रहा गृहमंत्री का जोर :—

गृहमंत्री अमित शाह ने मेरठ मंडल के जिलों के चिकित्साधिकारी और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि संक्रमित मरीजों केा हर हाल में बेहतर इलाज मिले। इसके साथ ही गंभीर मरीजों पर चिकित्सक विशेष नजर रखें। मरीजों के खानपान और उनकी साफ—सफाई के अलावा दवाइयों पर भी बराबर ध्यान रखा जाए। गंभीर मरीज केा प्राथमिकता के आधार पर देखा जाए। प्राइवेट अस्पतालों में भी कोरोना संक्रमितों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

Updated on:
18 Jun 2020 04:23 pm
Published on:
18 Jun 2020 04:20 pm
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