मेरठ

बी. चंद्रकला के बाद अब इस आईएएस ने की बड़ी कार्रवाई, एसपी सिटी और नगर आयुक्त समेत 11 बड़े अफसरों की सैलरी रोकी

डीएम अनिल ढींगरा ने तहसील दिवस में एमडीए उपाध्यक्ष, सचिव, एसपी सिटी, नगरायुक्त और सात थानाध्यक्षों को किया तलब

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Sep 19, 2018
इस आईएएस को आया गुस्सा तो रोक दी एसपी सिटी और नगर आयुक्त समेत 11 बड़े अफसरों की सेलरी

मेरठ. सरकार की योजनाओं में बेरूखी तथा गंभीरता से न लेने पर जिलाधिकारी मेरठ अनिल ढींगरा सख्त हो गए हैं। उनके इस तेवर का उदाहरण तहसील दिवस में देखने को मिला। जहां जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने उपाध्यक्ष एमडीए, सचिव एमडीए, पुलिस अधीक्षक नगर, नगर आयुक्त तथा सात थानाध्यक्षों सहित 11 अधिकारियों के समाधान दिवस में 11.30 बजे तक अनुपस्थित रहने पर एक दिन का वेतन रोक स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।

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उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर हो, जिसके लिए शासन व प्रशासन पूर्ण कटिबद्ध है। शासन के आदेशों को पालन न करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। इस दौरान सम्पूर्ण समाधान दिवस में 67 शिकायतें प्राप्त हुई, जिसमें से तीन का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। इस अवसर पर केरल बाढ़ राहत के लिए जिलाधिकारी को पांच लाख 48 हजार रुपये का चेक प्रदान किया। डीएम अनिल ढींगरा ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा तहसील स्तर पर समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए सम्पूर्ण समाधान दिवस आयोजित कराए जाते हैं, जिसका मूल उद्देश्य आमजन की समस्याओं का गुणवत्तापरक व शीघ्र निस्तारण करना है। उन्होंने कहा कि शासन के सख्त निर्देश हैं कि जो भी अधिकारी या कर्मचारी पीड़ित/फरियादी को न्याय देने में किसी भी प्रकार की लापरवाही करेगा या शिकायतकर्ता के संतुष्ट न होने पर संबंधित अधिकारी व कर्मचारी के विरूद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आर्यका अखौरी, उपजिलाधिकारी सदर निशा अनन्त, जिला वन अधिकारी अदिति शर्मा सहित अन्य पुलिस व प्रशासनिक अधिकारीगण उपस्थित रहे।

इन आलाधिकारियों से 3 दिन में मांगा स्पष्टीकरण

सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने उपाध्यक्ष मेरठ विकास प्राधिकरण, पुलिस अधीक्षक नगर, नगर आयुक्त, सचिव एमडीए, थानाध्यक्ष खरखौदा, भावनपुर, नौचन्दी, सरूरपुर, ब्रहमपुरी, पल्लवपुरम व रोहटा सहित कुल 11 अधिकारियों के अनुपस्थित रहने को गम्भीरता से लेते हुए उनका एक दिन का वेतन रोकने व तीन दिन में स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिकारी समाधान दिवस बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहता है तो उसको बख्शा नहीं जाएगा।

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Published on:
19 Sept 2018 11:57 am
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