मेरठ

दो अप्रैल को उपद्रव करने वालों की पहचान, पुलिस कस रही शिकंजा

बसपा का पूर्व विधायक आरोप में बंद है जेल में, एसआर्इटी ने की पहचान  
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Updated: 5 May 2018, 2:32 PM IST
meerut

मेरठ। दो अप्रैल 2018 को जिले में हुई हिंसात्मक घटनाओं और आगजनी की वारदातों में मुख्य आरोपी बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा को पहले ही पुलिस जेल की सलाखों के पीछे डाल चुकी है, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने उन लोगों को भी चिन्हित किया है जिन्होंने हिंसात्मक वारदातों में प्रमुख भूमिका निभाई थी। इनकी संख्या करीब 102 है।हिंसात्मक घटना में फरार चल रहे इन 102 उपद्रवियों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इन सभी आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट पुलिस कोर्ट से हासिल कर चुकी है। एसआईटी के अधिकारियों के अनुसार इनकी गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिशें चालू हो चुकी हैं।

हााइवे आैर शहर में हुआ था उपद्रव

एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के फैसले के विरोध में दलित समाज से जुड़े विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और सैकड़ों लोगों ने भारत बंद के दौरान एनएच-58 बाईपास, कंकरखेड़ा, कचहरी परिसर व आंबेडकर चैक पर वाहनों में तोड़फोड़, आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया था। इसमें एक प्रदर्शकारी युवक की गोली लगने से मौत भी हो चुकी थी। उपद्रवियों ने बाईपास के पास पुलिस पर फायरिंग कर पुलिस की जीप व पुलिस चैकी को भी आग के हवाले कर दिया था। हिंसात्मक घटना से संबंधित अलग-अलग थानों में 97 मामले दर्ज हुए। जिसमें पुलिस ने बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा समेत 202 आरोपियों को जेल भेजा था। तत्कालीन एसएसपी मंजिल सैनी ने हिंसात्मक घटनाओं की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था।

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102 के खिलाफ गैर जमानती वारंट

सीओ एसआईटी पंकज सिंह के मुताबिक जेल में बंद सभी उपद्रवी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। अलग-अलग दर्ज हुए मुकदमों में 700 नामजद और 5500 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। वीडियो फुटेज के आधार पर फरार 102 लोगों के खिलाफ गैर जमानती वारंट की प्रक्रिया पूरी हो गई है। फरार आरोपियों को चिह्नित किया गया है। इनमें अलग-अलग केसों से संबंधित आरोपियों के खिलाफ वारंट लिया गया है। कंकरखेड़ा थाने से सबसे अधिक 30 आरोपियों के खिलाफ वारंट लिया गया है। टीपीनगर, सिविल लाइन, और अन्य थाना पुलिस द्वारा वारंट लिए जा रहे हैं।

गिरफ्तारी न होने पर कुर्की होगी

उपद्रवियों की गिरफ्तारी न होने पर उनके घर के कुर्की की प्रकिया प्रारंभ की जाएगी। इसके लिए भी कोर्ट से कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

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