कड़ाके की ठंड के लिए इस बार रहिए तैया। तापमान जा सकता है 2 डिग्री से नीचे। बोले भूगोलविद ला नीना के सक्रिय होने की पूरी संभावना।
मेरठ। अभी तक तो लोगों को गर्मी (Summer) से ही परेशानी झेलनी पड़ रही थी। लेकिन अब मौसम विभाग (IMD Weather Alert) ने चेताया है कि ठंड (Winter) का मौसम भी इस बार काफी जोरदार होगा। यानी लोगों को ठंड भी इस बार काफी परेशान करेगी। भूगोलविद् डा कंचन सिंह के मुताबिक इस साल सितंबर के तीसरे सप्ताह से ठंड का अहसास होना शुरू हो जाएगा। ठंड के दिनों में तापमान 2 डिग्री से भी नीचे जा सकता है। मौसम विभाग का भी अनुमान है कि इस वर्ष मौसम अपने सारे रिकॉर्ड तोड़ने को तैयार है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इस बार ठंड भी जल्द दस्तक देगी।
डा कंचन सिंह ने बताया कि अगस्त में अधिक वर्षा,हवा की दिशा में परिवर्तन और समुद्र की सतह का पानी ठंडा होना ला नीना के असर का संकेत कर रहे हैं। इसके कारण इस बार सर्दी जल्दी और काफी पड़ सकती है। उनके मुताबिक अगस्त की वर्षा में आखिरी दिनों में हवा में ठंडक का अहसास होगा। इससे ला नीना के सक्रिय होने की पूरी संभावना है। इसका असर इंडोनेशियाई क्षेत्र, मैक्सिको की खाड़ी, दक्षिणी अमेरिका समेत कई द्वीप पर पड़ेगा। भारत के दक्षिण क्षेत्र और उत्तर पश्चिम में ठंड का जल्द लोगों को अनुभव होगा।
उन्होंने बताया कि ला नीना मानसून का रुख तय करने वाली एक प्रमुख समुद्री भूगोलीय घटना है, जो कि सात से आठ साल में अल नीनो के बाद होती है। अल नीनो में जहां समुद्र की सतह का तापमान बहुत अधिक बढ़ जाता है, वहीं ला नीना में समुद्र की सतह का तापमान कम होने लगता है। इसके पीछे बड़ी वजह हवा की दिशा में बदलाव होना है। इसमें समुद्री क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 55 से 60 किमी रहती है। मैदानी क्षेत्रों में यह 20 से 25 किमी की गति से चलती है।
भूमध्य रेखा के पास से होता सक्रिय
उन्होंने बताया कि ला नीना भूमध्य रेखा के आसपास प्रशांत महासागर के करीब सक्रिय होता है। इसका असर अन्य महाद्वीपों में नजर आता है। प्रशांत महासागर का सबसे गर्म हिस्सा भूमध्य सागर के नजदीक रहता है।