
केपी त्रिपाठी, मेरठ। देश में जितनी भी आतंकी घटनाएं हो रही हैं चाहे वो जम्मू-कश्मीर में हो या फिर देश के भीतर अन्य हिस्सों में। सबसे पीछे एक ही मास्टर मांइड शातिर आतंकी का हाथ है। वह है सीमा पार पाकिस्तान में छिपा बैठा मसूद अजहर। ये वही मसूद अजहर है जिसे छुड़वाने के लिए आतंकवादियों ने 1999 में भारत के विमान का अपहरण कर लिया था। उस विमान में 180 यात्री सवार थे। यात्रियों को छुड़वाने के बदले आतंकवादियों ने मसूद अजहर को छुड़वाया था। उस समय भाजपा की सरकार थी देश में।
हाईजेक प्लेन में सवार थे डा. गिरीश त्यागी
जिस प्लेन का आतंकवादियों ने हाईजेक किया था उस प्लेन में मेरठ के प्रख्यात मनोचिकित्सक डा. गिरीश त्यागी भी अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ सफर कर रहे थे। हाईजैकर्स इंडियन एयरलाइंस के विमान का अपहरण कर उसको कंधार ले गए थे। डा. गिरीश त्यागी कहते हैं कि हम लोगों के बदले आतंकवादी मसूद को छोड़ देना उस दौरान सरकार की सबसे बड़ी गलती थी। आज उसी गलती का खामियाजा देश भुगत रहा है। आतंकवादी मसूद अजहर आज देश के नौजवानों को मरवा रहा है। उन्होंने कहा कि हम लोगों का परिवार तो चाहता था कि आतंकी हम लोगों को छोड़ दें, लेकिन डा. त्यागी नहीं चाहते थे कि आतंकी मसूद अजहर के बदले में यात्रियों को छोड़ा जाए।
उस समय गल्ती हुर्इ थी
सरकार की उस गल्ती की कीमत आज पूरा देश चुका रहा है। देश की सेना और पैरामिलिट्री फोर्स पर आतंकी हमले कर जवानों को मार रहे हैं और हम हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। हम कुछ नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अलगाववाद किसी समस्या का हल नहीं है। अगर आतंकी बात से नहीं मानते तो सरकार को उसका जवाब उन्हीं की भाषा में देना चाहिए। डा. गिरीश त्यागी की पत्नी और उनके छोटे बेटे सहित करीब 30 अन्य यात्रियों को आतंकवादियों ने दुबई में उतार दिया था। इस तीस यात्रियों में बुजुर्ग और महिलाएं भी शामिल थी। उसके बाद उनको और बड़े बेटे सहित 150 यात्रियों को लेकर कंधार के लिए उड़ गए थे।