Highlights . सही वैज्ञानिक इलाज के जरिए भरी जा सकती है सूनी गोद. कम खर्च से कराया जा सकता है इलाज . कई महिलाएं उठा रही फायदा
मेरठ। Health Is Wealth: बांझपन (Infertility) की समस्या तेजी से बढ़ रही है। इसका कारण अनुचित खानपान और बदलती लाइफस्टाइल भी है। जागरूकता से बांझपन (Infertility)को दूर किया जा सकता है। एसएम अस्पताल और ब्लैस फर्टिलिटी व टेस्ट टयूब बेबी सेंटर (TEST TUBE BABY) के डॉक्टर डॉ. नवनीत गर्ग और डॉ. अलका गर्ग ने बताया कि IVF तकनीकी से निसन्तान दंपतियों की गोद भरी जा सकती है।
डॉ. अलका ने कहा कि आईवीएफ (IVF) प्रक्रिया से संतान पाने के लिए 70 से 80 हजार रुपये का खर्च आता है। डॉ.अलका ने बताया कि कुछ लोग आज के समय में भी संतान के लिए टेस्ट ट्यूब बेबी (TEST TUBE BABY) का सहारा लेने बचते है। यह केवल समाज में एक भ्रांति हैं। दंपत्ति नीम-हकीमों के चक्कर में समय और पैसा दोनों ही खर्च करते है। निःसंतान कोई लाइलाज बीमारी नहीं है। लेकिन वैज्ञानिक इलाज के जरिये संतान प्राप्त की जा सकती है।
आईवीएफ स्पेशलिस्ट डॉ. अलका गर्ग ने बताया कि टेस्ट ट्यूब बेबी तकनीक से संतान प्राप्त की जा सकती है। यह भरोसेमंद टेस्ट ट्यूब प्रक्रिया है। राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मापदण्डों को ध्यान में रखकर इस तकनीकी से दंपतियों का इलाज किया जाता है।