बागपत में मुन्ना बजरंगी की मौत के बाद यूपी में मचा घमासान रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
बागपत। जिला जेल में मुन्ना बजरंगी की मौत के बाद यूपी में मचा घमासान रुकने का नाम नहीं ले रहा है। सुरक्षा को देखते हुए जहां यूपी की अन्य जेलों में बदमाशों पर खुफिया विभाग नजर रख रहा है। वहीं बागपत की जेल में 12 और कैदियों को शिफ्ट किया जा सकता है। जिसकी रूप रेखा तैयार की जा चुकी है। एडीजी के आदेश के बाद इस पर अमल किया जा सकता है।
बता दें कि 9 जुलाई को बागपत जेल में ऐसा कांड हुआ कि यूपी में घमासान हो गया। सियासी लोगों ने सरकार पर सवाल उठाये तो जेलों में सुरक्षा को लेकर भी हंगामा मचता दिखाई दिया। बागपत जेल में पूर्वांचल के कुख्यात माफिया मुन्ना बजरंगी की गोली माकर हत्या कर दी गई। जिसका कबूलनामा भी सुनील राठी ने अपने सिर पर ले लिया। लेकिन गैंगवार की आशंका के चलते पुलिस विभाग को सुनील राठी को फतेहगढ़ की सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया। लेकिन सुनील राठी को शिफ्ट करने के बाद भी पुलिस विभाग अभी शांत नहीं है।
सूत्रों की मानें तो अब बागपत जेल में बंद 12 और कैदियों को यहां से अलग जेलों में भेजा जा सकता है। जिसे लेकर बागपत जेल में बंद कैदियों में हडकंप मचा हुआ है। हालांकि अभी तक कैदियों की सूची जारी नहीं हो सकी है। लेकिन एडीजी के आदेश के बाद इस पर तुरन्त अमल कर दिया जायेगा।
जेलर सुरेश बहादुर सिंह का कहना है कि अभी तक उनके पास ऐसा कोई आदेश नहीं आया है। अगर प्रशासन और कैदियों का स्थानांतरण चाहता है तो उन कैदियों को भेज दिया जायेगा जिनके नाम तय किये जायेंगे। यहां बता दें कि सुरक्षा के कारण ही कौशांबी जेल में कुख्यात अनील भाटी को भी शिफ्ट कर दिया गया है। युपी की जेलों में इस तरह के फेरबदल करना कहीं न कहीं शासन की चिंता का ही कारण है।