मेरठ

फोर्स की तैनाती के बीच जुमे की नमाज 30 साल बाद नहीं हुई सड़कों पर, इसकी बड़ी वजह आयी सामने, देखें तस्वीरें

खास बातें भारी सुरक्षा व्यवस्था के चलते नहीं पढ़ी गई सड़कों पर नमाज खुफिया विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी थे मुस्तैद सड़कों के किनारे पढ़ी गई नमाज, ट्रैफिक भी डायवर्ट नहीं हुआ

2 min read
Aug 09, 2019

मेरठ। हापुड़ रोड के पास इमलियान वाली मस्जिद के सामने पिछले 30 साल से सड़क पर नमाज पढी जा रही थी। जुमे की नमाज के दौरान सड़क को एक घंटे पहले दोनों ओर से बंद कर लिया जाता था। इस दौरान ट्रैफिक को पूरी तरह से डायवर्ट कर दिया जाता था। जिससे शहर के एक चौथाई हिस्से को जाम से जूझना पड़ता था। मेरठ के एसएसपी अजय साहनी ने जुमे की नमाज सड़क पर पढऩे पर पाबंदी लगा दी। इसके लिए उन्होंने थानेदारों को निर्देश जारी किए कि किसी भी थाना क्षेत्र में सड़क पर जुमे की नमाज न पढ़ी जाए।

कड़ी सुरक्षा के कारण सड़कों पर नमाज नहीं

एसएसपी अजय साहनी के इस निर्देश के बाद शुक्रवार को सभी थानेदार अलर्ट हो गए। मेरठ की इमलियान वाली मस्जिद सड़क पर ही स्थित है। यहां पर जुमे की नमाज के दौरान सड़क के एक ओर का ट्रैफिक पूरी तरह से बंद कर दिया जाता है। इतना ही नहीं कभी-कभी तो पूरे ट्रैफिक को ही डायवर्ट कर दिया जाता है। जिसके कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। एसएसपी के आदेश का ही असर आज देखने को मिला जब पिछले 30 साल से चली आ रही परंपरा एक झटके में खत्म हो गई।

सुबह से ही तैनात थे अधिकारी और पुलिस बल

जुमे की नमाज आज 1.30 पर पढी जानी थी, लेकिन मस्जिदों के सामने अधिकारी और पुलिस बल सुबह से ही मुस्तैद थे। सख्ती को देखते हुए संयोजकों ने खुद ही सड़़क से किनारे नमाज पढऩे की व्यवस्था बनाई। जिसके चलते सड़क पर कोई भी नमाजी नमाज नहीं पढ़ सका। इस दौरान ट्रैफिक भी सुचारू रूप से चलता रहा। सीओ कोतवाली दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि मस्जिद संचालकों ने खुद ही ऐसी व्यवस्था बना ली थी कि सड़क पर नमाज न हो। इसके लिए पूरी तरह से उन्होंने अपनी व्यवस्था को दुरुस्त कर लिया था। जिसके चलते कोई परेशानी नहीं हुई।

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Published on:
09 Aug 2019 07:25 pm
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