विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता पहुंचे, इससे माहौल भी गर्माया
मेरठ। भूसा मंडी में लगी आग तो बुझा दी गई, लेकिन दूसरे दिन भर उसकी आंच में मेरठ की सियासत तपती रही। घटनास्थल पर पहले भाजपा सांसद राजेन्द्र अग्रवाल पहुंचे और उसके बाद तो सभी दलों के नेता अपने दलबल के साथ दिन भर वहां पहुंचते रहे। भूसा मंडी पहुंचे नेताओं के सामने पीड़ित अपना दुखड़ा रोते रहे। नेता लोग उनके जख्मों पर राजनीति का मलहम लगाते रहे। किसी ने कहा कि सरकार मकान बनाकर दे तो किसी ने आग की घटना को साजिश करार दिया।
भूसा मंडी पहुंचे भाजपा सांसद ने इस पूरी घटना के पूर्व नियोजित और साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि माहौल को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई है। इसकी जांच होनी चाहिए। वहीं बसपा नेता और पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी के पहुंचने पर माहौल गरमा गया। उनके पहुंचने पर बसपा जिंदाबाद और अल्ला हु अकबर के नारे लगने लगे। बसपा नेता याकूब कुरैशी ने कहा कि आग पुलिस-प्रशासन ने लगाई है। भाजपा के इशारे पर यह सारा खेल खेला गया। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि यह पूरा खेल उसके इशारे पर ही खेला गया है। जिसमें गरीबों के झोपड़े जलकर राख हो गए। उन्होंने दोषियों को सजा के साथ ही पीड़ितों को 20 लाख मुआवजे की मांग की। पूर्व सांसद और बसपा नेता हाजी शाहिद अखलाक ने पीड़ितों को सांत्वना देते हुए उनके लिए एक टीन शेड बनवाने की बात कही।
उन्होंने कहा कि यह सत्ता पक्ष की साजिश है। उसी के इशारे पर गरीबों के अशियानों को उजाड़ा गया है। रालोद के राष्ट्रीय महासचिव डा. मैराजुद्दीन ने कहा कि जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर को दंगे की आग में झुलसाने की पूरी कोशिश की गई है। उन्होंने प्रशासन से कठोर कार्रवाई करने की बात कही।