खास बातें ज्येष्ठ माह के आखिरी मंगलवार 11 जून को है बड़ा मंगल हनुमान जी का व्रत रखना आैर चोला चढ़ाना लाभकारी अन्न आैर जल दान देने से मिलता है विशेष आशीर्वाद
मेरठ। ज्येष्ठ माह (जेठ महीना) में मंगलवार बहुत कल्याणकारी मानें गए हैं।Bada Mangal 2019 पर श्री हनुमान जी की पूजा अर्चना के लिए भक्त ज्येष्ठ माह के आखिरी मंगलवार 11 जून का बेस्रबी से इंतजार कर रहे हैं। एेसा माना जाता है कि कलियुग में हनुमान जी साक्षात देवता है, इनकी मन से पूजा-अर्चना करने पर वह अपने भक्तों को दर्शन देते हैं। ज्येष्ठ माह के अंतर्गत आने वाले मंगलवार पर मंदिरों में भक्तों की लंबी-लंबी लाइनें उनके प्रति सच्ची भक्ति को दर्शाती हैं। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि यदि 'बड़ा मंगल' को भक्त Shree hanuman ji की उपासना करते हैं तो उन्हें कर्इ गुना आशीर्वाद प्राप्त होता है।
आखिरी 'बड़ा मंगल' 11 जून को
ज्येष्ठ माह 19 मर्इ से 17 जून तक है। इस माह में आने वाले मंगलवार को 'बड़ा मंगल' कहते हैं। अभी तक 21 व 28 मर्इ आैर 4 जून को 'बड़ा मंगल' मनाए गए हैं। ज्येष्ठ माह का आखिरी मंगल 11 जून को है। हनुमान भक्त इसकी तैयारी में जुटे हुए हैं। मान्यता है कि इस दिन हनुमान जी की पूर्जा-अर्चना करने से भगवान अपने भक्तों को हर संकट से बचाते हैं आैर कर्इ गुना फल की प्राप्ति होती है। एक साथ कर्इ मनोकामनाआें की पूर्ति करते हैं। इस दिन हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए भक्त जगह-जगह भंडारे भी लगाते हैं।
इसलिए महत्वपूर्ण है यह पर्व
एेसी मान्यता है कि श्री हनुमान जी पहली बार अपने आराध्य देवता श्रीराम से ज्येष्ठ माह के मंगलवार को ही मिले थे। इसलिए ज्येष्ठ माह के प्रत्येक मंगलवार को 'बड़ा मंगल' के रूप में मनाते हैं। मंगलवार वैसे भी हनुमान जी का दिन माना जाता है, इसलिए ज्येष्ठ माह के मंगलवार पर हनुमान जी का कर्इ गुना आशीर्वाद प्राप्त होता है।
इस दिन एेसे करें पूजा
ज्योतिषाचार्य पंडित महेंद्र कुमार शर्मा कहते हैं कि 11 जून को 'बड़ा मंगल' है। इस दिन श्री हनुमान जी का व्रत आैर चोला चढ़ाना सर्वश्रेष्ठ होता है। उनकी विधि-विधान से पूजा करने पर सुख-समृद्धि आैर हर संकट कट जाता है। उन्होंने बताया कि 'बड़ा मंगल' के दिन श्री हनुमान जी को श्रद्धाभाव के साथ गुड़, चना, मीठी पूड़ी, बेसन लड्डू, बूंदी लड्डू, गुलदाने का प्रसाद चढ़ाना चाहिए। गरीबों को अन्न आैर जल दान से हनुमान जी का विशेष आशीर्वाद मिलता है। इस दिन हनुमान जी की उत्तरमुखी, दक्षिणमुखी, पंचमुखी आैर पश्चिममुखी हनुमान जी की मूर्ति की पूजा-अर्चना करते हैं।