'युवराज' के रहने से लेकर डाइट तक लोगों के आकर्षण का केंद्र
मेरठ। इस युवराज के खानपान और रहने के ठाट देख तो इंसान को भी अपने ऊपर शर्म आने लगे। वह भी ऐसे जमाने में जब आदमी के पास भी दो जून की खाने लायक रोटी और बहुतों के पास तन ढकने का कपड़ा नहीं है। ऐसे में इस युवराज के शयन कक्ष का गद्दा दिन में तीन बार बदला जाता है। मौसम के अनुसार उसके रहने के स्थान पर कूलर एसी या पंखा चलाया जाता है। दिन में एक दिन चिकित्सक उसकी पूरी जांच करता है। यहां तक कि उसका बीपी भी नापा जाता है। आप भी सोचकर हैरान हो गए होंगे कि यह युवराज आखिर हैै कौन। कहां रहता है यह युवराज या किस स्टेट के राजा का पुत्र है कितना खानदानी है, आदि-आदि। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ में लगी कृषि प्रदर्शनी में भैंसा युवराज लोगों के आकर्षण का केंद्र है।
हरियाणा का भैंसा है यह 'युवराज'
यह 'युवराज' मनुष्य नहीं, हारियाणा का मुर्रा जाति का भैंसा है। इसी भैंसे का नाम 'युवराज' है। इस युवराज भैंसे की खासियत है कि यह कभी जमीन में नहीं बैठता। इसके शयन कक्ष का गद्दा दिन में तीन बार बदला जाता है। इसके लिए गद्दे भी विदेश यानी स्विट्जरलैंड से आयात किए हुए हैं। हर बार गद्दा बदलने से पहले इसका कमरा पानी और डेटाॅल से साफ किया जाता है। इसके कमरे की देखरेख में छह लोगों की ड्यूटी लगी हुई है। जब 'युवराज' सोता है तो इस बात का पूरा ध्यान रखा जाता है कि आसपास कोई तेज म्यूजिक न चले और शोर कतई न हो। तीन लोग दिन में और तीन लोग रात में युवराज की सेवा में ड्यूटी देते हैं। युवराज की मालिश के लिए दो आदमी अलग से रखे गए हैं। जो हर छह घंटे बाद इसकी मालिश करते हैं।
'युवराज' को देखने के लिए लेना होगा समय
अगर आप इस वीआईपी 'युवराज' से मिलना चाहते हैं या देखना चाहते हैं तो इसके लिए आपको समय लेना होगा। इससे मिलने और देखने वालों को एक सप्ताह पहले समय लेना होता है।
बादाम मिल्क शेक और मलाई
युवराज का डाइट चार्ट भी हैरान कर देने वाला है। जिस देश में बच्चों को एक दिन में दो बादाम भी नसीब नहीं होते वहीं इस युवराज भैंसे के डाइट चार्ट में प्रतिदिन सुबह के समय आधा किग्रा बादाम का दूध या बादाम मिल्क शेक शमिल है। सुबह के समय मालिश होने और उसके नहाने के बाद सर्वप्रथम उसको बादाम मिल्क शेक दिया जाता है। आधा किग्रा बादाम पांच किग्रा दूध में मिलाकर पिलाया जाता है। इसके साथ ही दो किग्रा सेब, तीन दर्जन केले भी बादाम शेक के साथ खिलाये जाते हैं। अगर किसी वस्तु की ओर से युवराज ने आंख फेर ली तो वह वस्तु उसके सामने से उठा ली जाती है। फिर वह वस्तु दोबारा से उसे नहीं दी जाती।
ये है 'युवराज' की बादशाही का राज
कोई किसी पशु की राजसी रखवाली और राजसी ठाट से क्यों रखेगा। आखिर लोगों के जहन में यह सवाल भी उठता है कि जिसके खानपान में करीब 5 हजार रूपया प्रतिदिन खर्च होता है और उसके रहन सहन रखरखाव में अलग से तो उसमें ऐसी क्या खासियत है। युवराज के सीमन यानी वीर्य का एक टीका पांच सौ से हजार रुपये में मिलता है। एक बार के सीमन से करीब 80 से 100 टीके बन जाते हैं। सप्ताह में तीन से चार बार युवराज सीमन निकालता है। युवराज का सीमन लेने के लिए करीब पांच महीने पहले बुकिंग करानी होती है।