सिख समुदाय ने जताया कड़ा विरोध, सिख इतिहास के बारे में भी बताया
मेरठ। मेरठ के सिविल लाइन क्षेत्र में धर्म परिवर्तन करने के लिए दबाव बनाने का मामला सामने आया है। जहां सिख समाज के गुरबचन सिंह का आरोप है कि सिविल लाइन क्षेत्र में एक पादरी उन्हें जबरन ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर कर रहा है। दरअसल मेरठ के सिविल लाइन क्षेत्र में सेंट लुक्स अस्पताल परिसर में सिख समुदाय के गुरबचन सिंह की दुकान है। जिसमें अस्पताल कि देखरेख फादर सहाय राज करते हैं। जिसको लेकर गुरबचन ने फादर पर आरोप लगाया है कि अस्पताल के फादर उन्हें दुकान चलाने के बदले जबरन ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर कर रहे हैं। गुरबचन के अनुसार वह उस अस्पताल में किराए पर सन 1988 से दुकान चलाते हैं, लेकिन वर्तमान में अस्पताल का कार्य फादर सहाय देखते हैं। गुरबचन के अनुसार धार्मिक भेदभाव करने वाले आदमी हैं और अब वह उससे दुकान चलाने के लिए ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर कर रहे हैं या दुकान खाली करने का दबाव बना रहे हैं। जिसको लेकर आज सिख समाज के लोगों ने आज एसएसपी से शिकायत की। जिसके बाद एएसपी सतपाल अंतिल ने जांच के आदेश कर दिए हैं।
दिया रुपये का प्रलोभन
गुरबचन सिंह का आरोप है कि पादरी ने उन्हें धर्म परिवर्तन करने के लिए रूपये का प्रलोभन भी दिया है। गुरबचन ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में लिखा है कि अस्पताल का काम देखने वाले फादर सहाय कई बार गुरबचन से मिले और उनको धर्म परिवर्तन के बाद आर्थिक लाभ पहुंचाने का प्रलोभन दिया।
सिख समाज में रोष
सिख समाज के व्यक्ति का धर्म परिवर्तन कराने की बात समाज में जैसे ही फैली। सिख समाज में रोष फैल गया है। सिख समाज ने पुलिस से फादर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है। सिख समाज ने कहा कि यह सिखों का अपमान है। उन्होंने कहा कि मुगल काल में जब सिखों के ऊपर इतने अत्याचार हुए तब भी सिखों ने कोई धर्म परिवर्तन नहीं किया था और मजबूती से मुगलों का मुकाबला किया था। अब तो धर्म परिवर्तन कर सवाल ही नहीं पैदा होता।