लोक सभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन में रालोद को भी मजबूत करने की कोशिश
मेरठ। लोक सभा चुनाव में सपा-बसपा के गठबंधन के बाद से रालोद को सीटें देने को लेकर घमासान मचा हुआ है। दोनों पार्टियों ने प्रदेश की 80 सीटों में से 38-38 सीटें बांट ली हैं, जबकि अन्य दो सीटें रालोद के लिए छोड़ी हैं। इससे रालोद नेताआें व कार्यकर्ताआें में जबरदस्त आक्रोश था। इसके बाद जब अखिलेश यादव आैर जयंत चौधरी की आपस में बातचीत हुर्इ तो अखिलेश ने मथुरा सीट रालोद के खाते में डाल दी है। अब रालोद तीन सीटों पर चुनाव लड़ेगा, लेकिन अब बसपा सुप्रीमो मायावती अखिलेश यादव जैसा काम करने जा रही हैं। सूत्रों की मानें तो मायावती भी अपने खाते की एक सीट पर रालोद को चुनाव लड़वा सकती है।
पार्टी हार्इकमान कर रहा यह तैयारी
बसपा सूत्रों की मानें तो 12 जनवरी को सपा-बसपा गठबंधन के दौरान रालोद का नाम तक नहीं लिया गया था। इससे रालोद नेताआें व कार्यकर्ताआें में जबरदस्त आक्रोश देखा गया। इस गठबंधन में चार सीटें छोड़ी गर्इ। इनमें दो रायबरेली व अमेठी छोड़ दी गर्इ जबकि दो रालो के लिए छोड़ी थी। अखिलेश व जयंत चौधरी की मीटिंग के बाद अब रालोद बागपत, मुजफ्फरनगर व मथुरा सीट पर अपने उम्मीदवार खड़ा करेगी। सूत्रों की मानें तो बसपा मायावती के पास पार्टी के शीर्ष नेताआें ने गठबंधन को लेकर इनपुट पहुंचाया, उसमें बसपा हार्इकमान अपनी एक सीट रालोद को देने को तैयार हो गया है। इस वजह गठबंधन की विश्वसनीयता बतार्इ गर्इ है। हालांकि रालोद की पांच सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग है, लेकिन अगर मायावती अपनी एक सीट रालोद को देती हैं तो रालोद चार सीटों पर चुनाव लड़ेगी।