पूर्व डीजीपी ने कहा- एंटी दलित नहीं है भाजपा
मेरठ। एक समय बसपा सुप्रीमो मायावती के सबसे भरोसेमंद पुलिस अफसरों में शुमार रहे पूर्व डीजीपी ने उनके खास सिपाही पर एेसा बयान दिया कि बसपाइयों में उबाल गया है। प्रदेश में मायावती की सरकार में डीजीपी रह चुके आैर वर्तमान में यूपी एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष ब्रजलाल ने मायावती के खास सिपाही पूर्व विधायक योगेश वर्मा पर निशाना साधा है।
योगेश वर्मा पर रासुका का निर्णय बिल्कुल सही
राज्य एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष ब्रजलाल ने कहा कि दो अप्रैल को हुई हिंसा विपक्षी दलों की सोची समझी साजिश के तहत हुई थी। विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को गलत तरीके से पब्लिक के बीच में प्रचारित किया और लोगों को हिंसा के लिए उकसाया, इसके अलावा शासन द्वारा पूर्व विधायक योगेश वर्मा पर रासुका की कार्रवाई का भी ब्रजलाल ने पूरी तरह समर्थन करते हुए कहा कि मैं मेरठ का डीएनए जानता हूं और यहां कौन कैसा है, कैसा रहा है सबके बारे में मुझे पता है। किसी का नाम नहीं लेते हुए अध्यक्ष ब्रजलाल ने कहा कि यहां बसपा शासनकाल में कई मंत्री, विधायक बड़े अपराधियों के संरक्षक रहे हैं। बदन सिंह बद्दो, रविंद्र भूरा जैसे अपराधियों को बसपा के नेताओं ने पालकर बड़ा अपराधी बनाया। दो अप्रैल की हिंसा में पकड़े गए युवकों के संबंध में अध्यक्ष ने कहा कि कोई निर्दोष जेल गया है तो उसकी जांच कराई जाएगी और उस पर लगाया गया मुकदमा भी वापस लिया जाएगा। ब्रजलाल ने सरकार द्वारा दलित समाज के लिए चलाई जा रही योजनाओं का भी जमकर बखान किया और कहा कि अधिकारियों को दलित उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों के प्रति संवेदनशील होना होगा, इसके लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। सर्किट हाउस में पूर्व डीजीपी मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
बुलेट का जवाब बुलेट से दे रही पुलिस
अध्यक्ष ने कहा कि अब बुलेट का जवाब पुलिस बुलेट से दे रही है। इसी का परिणाम है कि अपराधी प्रदेश छोड़कर भाग रहे हैं या मारे जा रहे हैं, जबकि पूर्व की सरकारों ने अपराधियों को हमेशा बड़े बनने का मौका दिया।