खास बातें 2016 में थाना सिविल लाइन में दर्ज हुआ था मुकदमा आवंटन में धांधली का बड़े स्तर पर करता था खेल एमडीए ने जांच कराने के बाद कर दिया था बर्खास्त
मेरठ। एंटी करप्शन विभाग की टीम ने आय से अधिक संपति रखने के मामले में एमडीए के एक ऐसे बाबू को गिरफ्तार किया है जिसकी पूरी आय 13 लाख थी और वह खर्च करता था 50 लाख। इस बाबू ने पिछल नौ साल में आय से दो सौ गुना से अधिक की संपति जुटा ली थी। बाबू का नाम महावीर प्रसाद है। इसको भ्रष्टाचार के मामले में एमडीए पहले ही बर्खास्त कर चुका है।
इंस्पेक्टर चंद्रभान शर्मा ने बताया कि मेडिकल थाना क्षेत्र के अग्रसेन विहार चाणक्यपुरी निवासी महावीर प्रसाद एमडीए में बाबू था। वर्ष 2010 में उसके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में गुरूदयाल नामक व्यक्ति ने शिकायत की थी। जिसके बाद वर्ष 2016 में जांच के बाद आरोपों को सही पाया गया। महावीर प्रसाद के खिलाफ थाना सिविल लाइन में केस दर्ज करवा दिया गया। इसे बाद से वह फरार चल रहा था। वह स्थान बदल-बदलकर रहने लगा था।
महावीर प्रसाद ने प्लाट और मकान आवंटन में भी बड़ा खेल खेला। उसने लाटरी सिस्टम में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देकर लोगों को मकान आवंटित कर जमकर धन जुटाया। वह विभिन्न नामों से फ्लैटों की बुकिंग कराता था और जब लाटरी में नंबर आ जाता तो उनको अपने नाम से खरीद लेता था। इसके बाद कब्जा लेकर फ्लैट को बेच देता था। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।