मेरठ के कोचिंग सेंटर मानकों पर खरे नहीं उतर रहे सीएफआे ने दी जांच करने के बाद दी कठोर चेतावनी 90 फीसदी कोचिंग सेंटरों पर हो सकती है कार्रवार्इ
मेरठ। मेरठ शहर में कोचिंग सेंटर और बिल्डिंगों में मानकों के अनुरूप अग्निशमन उपकरण नहीं हैं। यह कहना है मुख्य अग्निशमन अधिकारी अजय कुमार शर्मा का। उन्होंने बताया कि डीजीपी ने वीडियो क्रांफ्रेंसिंग कर पूरे प्रदेश भर में कोचिंग सेंटराें और बड़े माॅल्स, प्रतिष्ठानों को लेकर सुरक्षा की तैयारियों की समीक्षा की। प्रदेश के प्रमुख महानगरों की समीक्षा करते हुए उन्होंने जरूरी दिशा निर्देश दिए। सीएफआे अजय कुमार शर्मा ने बताया कि मेरठ में बड़े प्रतिष्ठानों और कोचिंग सेंटरों पर सुरक्षा उपकरणों की जांच की गई। जिसमें करीब 90 फीसदी कोचिंग सेंटरों पर अग्निशमन सुरक्षा उपकरण नहीं पाए गए। ऐसे कोचिंग सेंटरों को चेतावनी के साथ ही पत्र जारी किए गए हैं कि वे अपने यहां अतिशीघ्र अग्निशमन उपकरणों को लगवा लें अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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चेतावनी के बाद होगी वीडियोग्राफी
बता दें कि शहर में जगह-जगह खुले कोचिंग सेंटरों में अग्नि सुरक्षा के मानक पूरे नहीं है। ऐसे में अब इन पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। चेतावनी की मियाद पूरी होने के बाद अग्निशमन विभाग कोचिंग सेंटरों की वीडियोग्राफी कराएगा। जिसकी रिपोर्ट लखनऊ मुख्यालय को भेजी जाएगी। अग्निसुरक्षा के मानक पूरे नहीं होने पर सेंटर संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। फायर ब्रिगेड की टीमें कोचिंग सेंटरों और माॅल्स में जाकर अग्नि सुरक्षा उपकरणों का निरीक्षण कर रही हैं।
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अग्नि से बचाव के उपाय भी बता रहे
साथ ही वहां उपस्थित लोगों और छात्र-छात्राओं को अग्नि से बचने के उपायों की भी जानकारी दे रहे हैं। बता दें कि अभी सप्ताह भर पूर्व गुजरात के सूरत शहर में एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगी थी। आग की चपेट में आने से दो शिक्षक और 20 छात्रों की जान चली गई थी। सीएफओ अजय कुमार शर्मा ने बताया कि उनके पास कार्रवाई का अधिकार नहीं है। शहर के कई नर्सिंग होम बिना मानकों पर चल रहे हैं। उनको सीएमओ कार्यालय से एनओसी दे दी जाती है। शहर में चल रहे कोचिंग सेंटरों का भी यही हाल है।