
मेरठ। पश्चिम में दशकों से चली आ रही हाईकोर्ट बेेंच की मांग अब तेजी पकड़ने लगी है। वकीलों का आंदोलन भी अब धार पकड़ने लगा है। इसी कड़ी में बुधवार को हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर वकीलों ने कचहरी में हड़ताल रखी। मेरठ में रह रहे तीन सांसदों का वकीलों के अलग-अलग गुटों ने घेराव किया। भाजपा के तीनों सांसदों के घर के लिए सैकड़ों वकीलों ने कचहरी से जुलूस निकालते हुए मेरठ के तीनों सांसदों के आवास पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया। वकीलों ने भाजपा सांसदों से दो टूक कहा कि अगर इस बार हाईकोर्ट बेंच की मांग चुनाव से पहले नहीं मानी गई तो इस बार चुनाव में वकील और उनका परिवार भाजपा को वोट नहीं देगा।
हार्इकोर्ट बेंच के समर्थन में नारेबाजी
मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह जानी के नेतृत्व में सैकड़ों वकील आज सुबह कचहरी परिसर में एकत्र हुए। वकीलों ने कचहरी में हाईकोर्ट बेंच के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। इसके बाद पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मेरठ के तीनों सांसदों के आवास की ओर कूच कर गए। वकीलों ने राज्यसभा सांसद विजयपाल तोमर के आवास पर जमकर हंगामा किया। हालांकि इस दौरान विजयपाल तोमर अपने आवास पर नहीं मिले। इसके बाद राज्यसभा सांसद कांता कर्दम के आवास पर हंगामा करते हुए वकीलों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा। कांर्ता कर्दम ने वकीलों की मांग का समर्थन करते हुए उनकी मांग को लोकसभा में पुरजोर तरीके से उठाए जाने का आश्वासन दिया। सांसद कांता कर्दम ने कहा कि वह आज लखनऊ जा रही है और अपने संगठन के पदाधिकारियों से भी इस मुद्दे पर बात करेंगी। उन्होंने हंगामा कर रहे वकीलों के प्रतिनिधिमंडल को पूरी मदद का आश्वासन दिया।
यहां भी हंगामे के बाद धरना दिया
इसके बाद वकील भाजपा सांसद राजेन्द्र अग्रवाल के आवास पर पहुंचे और वहां भी हंगामा करते हुए धरना दिया। वकीलों ने साफ कहा कि यदि भाजपा नेताओं ने उनका साथ नहीं दिया तो वह आगामी चुनाव में भाजपा के बहिष्कार से भी पीछे नहीं हटेंगे। वकीलों के आंदोलन के उग्र रूप को देखते हुए भाजपा के पदाधिकारी और सांसद सहमे हुए हैं। वकीलों के प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि आगामी चुनाव से पहले भाजपा सरकार को हाईकोर्ट में बेंच देनी ही होगी।