मेरठ में मार्च की गर्मी ने झुलसा दी गेहूं की फसल
मेरठ। बढ़ते तापमान में गेहूूं की फसल झुलस रही है। इससे किसानों और कृषि वैज्ञानिकों को भी चिंता में डाल दिया है। बढ़ते तापमान से परेशान किसानों के पास और कोई चारा भी नहीं है। बढ़ता तापमान गेहूं के लिए हानिकारक बताया गया है। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ के कृषि वैज्ञानिक डा. आरएस सेंगर के अनुसार बढ़ते तापमान के कारण गेंहू की फसल में दाने छोटे रह जाते हैं। दाने तेज तापमान में बड़े नहीं हो पाते जिसका असर पूरे गेहूं की फसल पर पड़ता है। इस बार वैसे भी सर्दी के मौसम में बारिश भी कम हुई, जिस कारण गेहूं की फसल को जो प्राकृतिक उर्वरा बारिश के पानी से मिलती है, वह नहीं मिल पाई जिसके कारण इस बार फसल की पैदावार कम होने का अनुमान है। सेंगर के अनुसार इस वर्ष गेहूं की फसल अच्छी होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन अचानक से जिस तरह से मौसम ने करवट ली है और तापमान में बढ़ोतरी हो रही है यह गेहूं की फसल के लिए नुकसानदायक है। उनका कहना है कि समय से पहले गेहूं की फसल का पकना भी ठीक नहीं है। अचानक तेज तापमान से गेहूं के दाने का दूध सूख जाता है, जिससे दाने की वृद्धि रुक जाती है। इससे गेहूं की फसल में बालियां भी कम बनती हैं।
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आने वाले दिनों में आंधी-बारिश के संकेत
डा. सेंगर के अनुसार आने वाले दिनों में आंधी और बारिश के संकेत है। इससे किसानों को नुकसान होने का अंदेशा है। यदि बारिश और आंधी आती है तो गेंहू की खड़ी फसल गिर जाएगी। जो किसानों के हित में नहीं है। मौसम की इस मार से किसानों को लागत भी निकलना मुश्किल होगा।
बढ़ सकते हैं गेहूं के दाम
उन्होंने कहा कि जिस तरह से मौसम की मार गेहूं झेल रहा है, उससे तो यही लगता है कि इस बार गेहूं की पैदावार कम होगी और इसका असर गेहूं के समर्थन मूल्य पर पड़ेगा। इससे समर्थन मूल्य अधिक होगा।