मेरठ

‘ऐसा सांप चाहिए जो विषैला ना हो’, पति को सांप से डसवाने वाली पत्नी के केस का फैसला कब? अभियोजन पक्ष के किन गवाहों ने दिए बयान?

Murder By Sanke Case Row Meerut: मेरठ के बहसूमा के अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत ने पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को हत्या व साक्ष्य मिटाने का दोषी करार दिया है। दोनों की सजा पर 16 अक्टूबर को फैसला होगा। जानिए अभियोजन पक्ष के किन गवाहों ने बयान दिए हैं?
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Oct 08, 2026
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फोटो पत्रिकाः Enhanced by AI

Murder By Sanke Case Row Meerut: मेरठ केबहसूमा के चर्चित अमित उर्फ मिक्की कश्यप हत्याकांड में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-12) जयवीर सिंह नागर की अदालत ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने अमित की पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी करार दिया है। दोनों की सजा पर फैसला 16 अक्टूबर को सुनाया जाएगा। अभियोजन के मुताबिक, रविता और अमरदीप ने अमित की गला दबाकर हत्या की थी। इसके बाद हत्या को सर्पदंश से हुई मौत दिखाने के लिए अमित के बिस्तर पर एक गैर-विषैला घोड़ापछाड़ सांप छोड़ दिया गया था।

बिस्तर पर मिला था अमित का शव, नीचे दबा था जिंदा सांप

13 अप्रैल 2025 की सुबह बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव निवासी अमित कश्यप का शव उसके बिस्तर पर मिला था। शव के नीचे एक जिंदा घोड़ापछाड़ सांप दबा हुआ था। अमित के शरीर पर सांप के डसने के 10 निशान भी मिले थे। अमित की पत्नी रविता ने उस समय दावा किया था कि उसके पति की मौत सांप के काटने से हुई है। शुरुआती तौर पर मामला सर्पदंश का लग रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे घटनाक्रम की दिशा बदल दी।

अभियोजन पक्ष के 12 गवाह

गवाह नंबरगवाह का नामभूमिका/परिचय
1मोनू कश्यपवादी मुकदमा और मृतक अमित का भाई
2मुनेशअमित की मां
3कृष्णसपेरे का धेवता
4प्रीतमनाथसपेरा कृष्ण का नाना
5उपनिरीक्षक पंकज गौतमपंचायतनामा भरने वाले दरोगा
6कांस्टेबल क्लर्क रामप्रवेशFIR दर्ज करने वाले पुलिसकर्मी
7डॉ. कपिल गर्गअमित का पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक
8उपनिरीक्षक इंदु वर्मामामले की विवेचक
9शुभम शर्मानोडल अधिकारी, वोडाफोन
10लोकेश कुमारनोडल अधिकारी, रिलायंस जियो
11सुखपालअमित की मृत्यु के बाद सांप पकड़ने वाले व्यक्ति
12पिंटूअमित की मृत्यु के बाद सांप पकड़ने वाले व्यक्ति

पोस्टमार्टम में खुला हत्या का राज

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार अमित की मौत सांप के डसने से नहीं हुई थी। रिपोर्ट में मौत का कारण गला, नाक और मुंह दबाने से दम घुटना यानी असफिक्सिया बताया गया। जांच में यह भी सामने आया कि गला दबाने के कारण अमित की गर्दन की हॉयॉइड और थायरॉइड कार्टिलेज टूट गई थी। इससे उसके साथ हुई जोर-जबरदस्ती और संघर्ष की स्थिति सामने आई। इसके बाद पुलिस जांच में सर्पदंश से मौत की कहानी पर सवाल उठे और हत्या के मामले की जांच आगे बढ़ाई गई।

भाई ने पत्नी और उसके प्रेमी के खिलाफ दर्ज कराई FIR

अमित के भाई मोनू कश्यप ने 16 अप्रैल 2025 को उसकी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जयवीर सिंह नागर, (अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर 12) के मुताबिक, पुलिस जांच में वारदात की रात रविता और अमरदीप की मोबाइल लोकेशन एक ही जगह मिली। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से भी दोनों के बीच लगातार मोबाइल संपर्क की बात सामने आई। अभियोजन ने अदालत में गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों की कड़ियों को जोड़ा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से जहां गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई, वहीं सांप की व्यवस्था किए जाने से जुड़ी गवाही भी अभियोजन के पक्ष में महत्वपूर्ण रही।

जागरण के बहाने सपेरे से खरीदा था सांप

ADGC फरजाना मकसूद के मुताबिक, पुलिस जांच में सामने आया कि अमरदीप ने महमूदपुर सिखेड़ा निवासी सपेरे कृष्ण से 1000 रुपये में सांप खरीदा था। उसने सांप खरीदने के लिए माता के जागरण का बहाना बनाया था। कृष्ण यह सांप अपने नाना प्रीतमनाथ से लेकर आया था। दोनों ने अदालत में गवाही भी दी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, इसी सांप को बाद में अमित के शव के पास इस तरह रखा गया, जिससे उसकी मौत को सर्पदंश का रूप दिया जा सके। जांच पूरी कर 26 जून 2025 को कोर्ट में पुलिस ने आरोपपत्र दाखिल किया था। कोर्ट ने सभी साक्ष्यों और 12 गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को अमित की हत्या और साक्ष्य छिपाने का दोषी ठहराया है।

'ऐसा सांप चाहिए जो विषैला न हो'

अभियोजन के अनुसार, अमरदीप ने सपेरे कृष्ण से साफ कहा था कि उसे ऐसा सांप चाहिए जो विषैला न हो। उसे आशंका थी कि सांप कहीं उसे या रविता को ही न डस ले। इसके बाद कृष्ण ने उसे घोड़ापछाड़ सांप दिया। अदालत में कृष्ण और प्रीतमनाथ की गवाही को भी अभियोजन ने मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण कड़ी के तौर पर पेश किया।

12 गवाहों के बयान और साक्ष्यों पर अदालत ने किया विचार

पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद 26 जून 2025 को अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था। मुकदमे के दौरान अभियोजन की ओर से पेश किए गए 12 गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों पर अदालत ने विचार किया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर रविता और अमरदीप को अमित की हत्या तथा साक्ष्य मिटाने का दोषी करार दिया। अब दोनों को कितनी सजा मिलेगी, इसका फैसला अदालत 16 अक्टूबर को सुनाएगी।