Meerut News: मेरठ के खरखौदा क्षेत्र में बकरीद से पहले बकरा चोरी का अनोखा मामला सामने आया। बाइक से बकरा चोरी कर भाग रहे दो युवक ग्रामीणों के पीछा करने पर हादसे का शिकार हो गए। एक आरोपी बकरे समेत कुएं में गिर पड़ा।
Bakra Chori Meerut News:उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में बकरीद से पहले बकरा चोरी की एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी। मामला सिर्फ चोरी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें फिल्मी अंदाज में पीछा, बाइक फिसलना और आरोपी का बकरे समेत कुएं में गिर जाना शामिल हो गया। घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। बाद में जब पुलिस ने जांच की तो पता चला कि बकरा चोरी करने वाले युवक कोई बाहरी बदमाश नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार के रिश्तेदार ही निकले। रिश्तेदारी सामने आने के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया और पुलिस ने कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की।
यह पूरा मामला मेरठ के खरखौदा थाना क्षेत्र के कौला गांव का है। गांव निवासी बाबर ने बकरीद को ध्यान में रखते हुए अपने घर पर बकरा पाल रखा था। बताया जा रहा है कि बकरा काफी कीमती था और त्योहार के चलते उसकी देखभाल भी विशेष तौर पर की जा रही थी। शनिवार देर रात या सुबह के समय दो युवक बाइक लेकर गांव पहुंचे और मौका देखकर घर के बाहर बंधे बकरे को खोल लिया। दोनों ने तेजी से बकरे को बाइक पर रखा और वहां से भागने लगे।
बकरे को ले जाते हुए कुछ ग्रामीणों की नजर दोनों युवकों पर पड़ गई। लोगों को शक हुआ तो उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते कई ग्रामीण बाइक के पीछे दौड़ पड़े। अचानक लोगों को पीछे आता देख बाइक सवार घबरा गए। भागने की जल्दबाजी में बाइक का संतुलन बिगड़ गया और सड़क किनारे फिसल गई। हादसा इतना तेज था कि बाइक चला रहा युवक सड़क पर गिरकर घायल हो गया, जबकि दूसरा युवक बकरे समेत पास के गहरे कुएं में जा गिरा।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और कुएं में गिरे युवक को बाहर निकालने की कोशिश शुरू कर दी। काफी मशक्कत के बाद युवक और बकरे दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस दौरान किसी बड़े हादसे से बचने पर लोगों ने राहत की सांस ली। सूचना मिलते ही खरखौदा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और दोनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
पुलिस की पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पता चला कि पकड़े गए युवक नईम और दानिश गाजियाबाद के रहने वाले हैं और उनका संबंध बकरा मालिक बाबर के परिवार से है। शुरुआत में ग्रामीणों को लगा था कि कोई संगठित चोर गिरोह इलाके में सक्रिय है, लेकिन रिश्तेदारी की बात सामने आने के बाद माहौल पूरी तरह बदल गया। बाबर ने भी थाने पहुंचकर दोनों युवकों को अपना रिश्तेदार बताया।
पूरे घटनाक्रम के बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई। रिश्तेदारी और आपसी संबंधों को देखते हुए मामला थाने में ही सुलझा लिया गया। बाबर ने पुलिस को दी गई तहरीर वापस लेने का फैसला किया और किसी तरह की कानूनी कार्रवाई की मांग नहीं की। इसके बाद पुलिस ने भी दोनों युवकों को चेतावनी देकर छोड़ दिया।