
Meerut Blinkit Delivery Boy Assault: मेरठ में ऑनलाइन डिलीवरी में हुई महज कुछ मिनट की देरी का मामला मारपीट और पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया। आरोप है कि Blinkit का ऑर्डर लेकर पहुंचे डिलीवरी बॉय को यूको बैंक के एक ब्रांच मैनेजर ने बुरी तरह पीट दिया। घटना गंगा सागर इलाके की गंगा हाइट्स सोसाइटी की बताई जा रही है। डिलीवरी बॉय की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और आरोपी बैंक मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया।
घटना शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे की है। बताया गया कि डिलीवरी बॉय अमित यादव एक ग्राहक का सामान लेकर गंगा हाइट्स के फ्लैट नंबर 110 पर पहुंचा था। ऑर्डर पहुंचने में करीब पांच मिनट की देरी हुई थी। इसी बात को लेकर ग्राहक और डिलीवरी बॉय के बीच पहले फोन पर बहस हुई। जब अमित सामान लेकर घर पहुंचा तो मामला और बिगड़ गया।
सीसीटीवी फुटेज में डिलीवरी बॉय अमित यादव को फ्लैट के बाहर पहुंचकर घंटी बजाते देखा जा सकता है। दरवाजा खुलने के बाद बैंक मैनेजर यमन कंसल उससे बहस करता नजर आता है। आरोप है कि बातचीत के दौरान गाली-गलौज की गई और इसके बाद डिलीवरी बॉय के साथ मारपीट शुरू कर दी गई। फुटेज में आरोपी की पत्नी भी कुछ देर बाद बाहर आती दिखाई देती है। वह सीसीटीवी की ओर इशारा करती है। इसके बाद आरोप है कि अमित को घर के अंदर ले जाया गया, जहां उसके साथ दोबारा मारपीट की गई। बताया गया कि कुछ देर बाद अमित रोते हुए फ्लैट से बाहर निकला। उसके बाद उसने अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी और पुलिस के पास पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पीड़ित अमित यादव के मुताबिक, वह करीब एक साल से डिलीवरी का काम कर रहा है और इसके साथ 12वीं की पढ़ाई भी कर रहा है। उसका कहना है कि उस दिन ग्राहक का फोन आया था और ऑर्डर देर होने को लेकर नाराजगी जताई गई थी। अमित के मुताबिक, उसने ग्राहक को बताया था कि ऑर्डर करीब पांच मिनट लेट है और ऐप पर देरी की वजह भी दिखाई जा रही होगी। उसका कहना है कि ग्राहक ने उसे घर पहुंचने के लिए कहा और वहां आने के बाद बात करने की बात कही। अमित का आरोप है कि फ्लैट पर पहुंचने के बाद उसका मोबाइल फोन ले लिया गया और उस पर गंभीर आरोप लगाने की धमकी भी दी गई। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उसके खिलाफ झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
गंगा हाइट्स सोसाइटी में लगे CCTV कैमरों की फुटेज इस मामले में अहम बताई जा रही है। करीब साढ़े तीन मिनट की उपलब्ध फुटेज में डिलीवरी बॉय के फ्लैट तक पहुंचने और आरोपी से बातचीत का हिस्सा दिखाई देता है। इसके बाद उसे घर के अंदर ले जाने की बात सामने आई है। पुलिस मामले में उपलब्ध CCTV फुटेज और शिकायत के आधार पर जांच कर रही है। वायरल या सामने आई फुटेज के हर हिस्से की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
घटना सामने आने के बाद सोसाइटी के कुछ लोगों ने भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि मामूली देरी को लेकर विवाद इतना बढ़ना ठीक नहीं था। लोगों के मुताबिक, ऐसी घटना से पूरी सोसाइटी की छवि प्रभावित हुई है। सोसाइटी में करीब 84 फ्लैट बताए जा रहे हैं और हर फ्लोर पर CCTV कैमरे लगे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यमन कंसल करीब पांच महीने पहले ही अपने परिवार के साथ यहां रहने आए थे।
सोसाइटी के सिक्योरिटी गार्ड के मुताबिक, घटना के बाद डिलीवरी बॉय रोते हुए बाहर आया था। कुछ देर बाद वह अपने पिता को भी लेकर वहां पहुंचा और उन्हें पूरी घटना के बारे में बताया। इसके बाद आसपास के लोग भी जमा हो गए। गार्ड का कहना है कि कुछ समय बाद बैंक मैनेजर भी अपने परिवार के साथ नीचे आया था। वहां मौजूद लोगों ने दोनों पक्षों से बात की और मामला शांत कराने की कोशिश की।
पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी यमन कंसल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इसके बाद पुलिस ने शनिवार देर रात उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और CCTV फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों को भी देखा जा रहा है। यह मामला सिर्फ एक डिलीवरी में हुई देरी का नहीं, बल्कि ग्राहक और डिलीवरी कर्मचारियों के बीच बढ़ते तनाव पर भी सवाल खड़ा करता है। कुछ मिनट की देरी पर नाराजगी जताना अलग बात है, लेकिन विवाद का हिंसा तक पहुंच जाना गंभीर चिंता का विषय है।