मेरठ

Blue Drum Murder Case: ‘मुस्कान की बेटियों की परवरिश कौन करेगा’, जानिए क्या है परिवारों का रुख; फांसी के खिलाफ दलीलों पर 30 नवंबर को होगी सुनवाई

Meerut Blue Drum Murder Case Update: मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में आरोपी मुस्कान और उसका प्रेमी साहिल मौत की सजा के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गए। कोर्ट ने भी दोनों की अपील को स्वीकार करते हुए सुनवाई के लिए 30 नवंबर की तारीख तय की गई है। लेकिन इन सबके बीच बड़ा सवाल यह है कि, आखिर मुस्कान की मासूम बेटियों की परवरिश कौन करेगा? जानिए इस सवाल पर अभी तक परिवार की तरफ से क्या कुछ कहा गया है...
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Updated: 28 Oct 2026, 7:00 PM IST
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पति सौरभ को मारकर नीले ड्रम में भरने वाली मुस्कान के मामले में बड़ा अपडेट। फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज

Meerut Muskan Rastogi Blue Drum Murder Case: उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित नीले ड्रम हत्याकांड पर देश-भर की निगाहें टिकी हैं। पति सौरभ राजपूत की निर्मम हत्या के जुर्म में मौत की सजा पाने वाली मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला ने अपनी सजा के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया। मंगलवार (27 अक्टूबर, 2026) को हाईकोर्ट ने दोनों की इस अपील को स्वीकार कर लिया है और मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 नवंबर की तारीख तय की है। इन सब के बीच बड़ा सवाल यह है की, 'मुस्कान की बेटियों की परवरिश कौन करेगा?'

मौत की सजा के खिलाफ मुस्कान और साहिल की दलीलें

हाईकोर्ट में अपनी अपील के दौरान मुस्कान और साहिल ने पुलिस की जांच-प्रक्रिया और सबूतों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। दोनों ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को गलत और मनमाना बताते हुए कहा है कि, अभियोजन पक्ष उनके खिलाफ आरोपों को बिना किसी संदेह के साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा है। उनका दावा है कि हथियार सीमेंट और ड्रम की खरीद को लेकर गवाहों के बयानों में काफी विरोधाभास है। अपील में यह भी कहा गया है कि इन सभी चीजों की खरीद से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और वैध रसीदें अदालत में पेश नहीं की गईं। इसके अलावा बरामदगी से जुड़े दस्तावेजों पर स्वतंत्र गवाहों के हस्ताक्षर न होने और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के लिए जरूरी प्रमाणपत्रों की कमी का मुद्दा भी उठाया गया है।

एक ही वकील ने दाखिल की दोनों की अपील

इस मामले में एक और दिलचस्प बात सामने आई। ट्रायल कोर्ट में जहां मुस्कान और साहिल की पैरवी अलग-अलग वकीलों ने की थी वहीं अब हाईकोर्ट में दोनों की अपील एक ही वकील के जरिए दाखिल की गई है। मुस्कान के परिवार द्वारा उसे छोड़ने के बाद ट्रायल कोर्ट में उसे सरकारी वकील मिला था। अब हाईकोर्ट में दोनों की एक ही वकील द्वारा अपील किए जाने से यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि, क्या साहिल के परिवार ने मुस्कान को अपना लिया है?

मुस्कान की बेटियों की परवरिश पर परिवारों का क्या है रुख

इस पूरे मामले में मुस्कान की बेटियों की परवरिश और देखभाल को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। मुस्कान की 2 बेटियां हैं- बड़ी बेटी पीहू जिसकी उम्र करीब 7-8 साल है और छोटी बेटी राधा जिसका जन्म जेल में हुआ है।

सौरभ राजपूत (मृतक पति) का परिवार

पीड़ित परिवार की तरफ से कई बार ये कहा गया है कि वे पहली बेटी पीहू को अपनाने और उसकी जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार हैं, ताकि उसका भविष्य सुरक्षित रह सके। हालांकि, जेल में जन्मी छोटी बेटी राधा के पितृत्व (Paternity) को लेकर उन्होंने पूर्व में सवाल उठाए थे और DNA टेस्ट की मांग की थी। सौरभ के परिवार का कहना है कि अगर DNA टेस्ट में यह बच्ची सौरभ की संतान साबित होती है तो वे उसकी जिम्मेदारी जरूर उठाएंगे।

मुस्कान का अपना परिवार

मुस्कान की बड़ी बेटी की जिम्मेदारी फिलहाल उसके माता-पिता उठा रहे हैं। हालांकि मुस्कान के माता-पिता ने अदालत को लिखित में दे दिया है कि उन्होंने अपनी बेटी (मुस्कान) से सारे रिश्ते तोड़ लिए हैं और वे उसकी अपील का कतई समर्थन नहीं करेंगे। मुकदमे के दौरान भी मुस्कान के परिवार ने उससे पूरी तरह दूरी बना ली थी। फिलहाल पीहू के भविष्य की स्थायी कस्टडी को लेकर कानूनी-निर्णय होना बाकी है।

प्रेमी साहिल का परिवार

हाईकोर्ट में अपील के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या साहिल का परिवार छोटी बच्ची की कस्टडी लेगा। मेरठ जेल प्रशासन के नियमों के मुताबिक, यदि साहिल के परिजन बच्ची की जिम्मेदारी उठाना चाहते हैं तो उन्हें इसके लिए आधिकारिक रूप से आवेदन देना होगा। इसके बाद यह मामला मुस्कान के सामने रखा जाएगा और केवल उसकी सहमति के आधार पर ही कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा।

मामले में तीसरे पक्ष का प्रयास

मुंबई के एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने मेरठ की जिला अदालत में अर्जी दाखिल कर 10 महीने की बच्ची राधा के पालन-पोषण, शिक्षा और शादी तक का पूरा खर्च उठाने की इच्छा जताई थी। इसके साथ ही मशहूर कवयित्री अनामिका जैन अंबर और उनके पति ने भी मुस्कान से जेल में मुलाकात कर यह ऐलान किया था कि वे मुस्कान की बेटी को अपने किड्स स्कूल में मुफ्त पढ़ाएंगे और जरूरत पड़ने पर उसकी पूरी शिक्षा और परवरिश का खर्च जीवनभर उठाएंगे। हालांकि, इन प्रस्तावों पर मुस्कान की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इसके अलावा कानूनी तौर पर भी किसी बच्चे को गोद लेने के लिए कड़े नियम लागू होते हैं जिनका पालन करना जरूरी होता है।

छोटी बेटी को लेकर जेल अधीक्षक ने क्या कहा?

मुस्कान की छोटी बेटी राधा 10 महीने की है और उसका जन्म जेल में ही हुआ था। वह फिलहाल अपनी मां के साथ मेरठ जेल में रह रही है। मेरठ जेल के वरिष्ठ अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि, अगर साहिल का परिवार छोटी बच्ची की जिम्मेदारी लेना चाहता है तो उसे जेल प्रशासन को एक आवेदन देना होगा। यह आवेदन मुस्कान के सामने रखा जाएगा और उसकी इच्छा के आधार पर ही आगे कोई फैसला होगा।

ये है नीले ड्रम हत्याकांड का पूरा मामला

सौरभ राजपूत ने साल 2016 में मुस्कान रस्तोगी से प्रेम विवाह किया था। साल 2019 में दोनों के बीच विवाद हुआ और वे अलग हो गए। उसी साल मुस्कान ने बेटी पीहू को जन्म दिया, जो अब अपने नाना-नानी के पास रहती है। बाद में परिवार ने दोनों के बीच समझौता कराया और वे साथ रहने लगे। इसके बाद सौरभ लंदन चला गया। इसी दौरान मुस्कान की अपने स्कूल के सहपाठी साहिल शुक्ला से नजदीकियां बढ़ गईं।

24 फरवरी, 2025 को सौरभ लंदन से भारत लौटा था। आरोप है कि 3 मार्च की रात मुस्कान और साहिल ने खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेहोश किया। इसके बाद चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी। शव के टुकड़े करके नीले ड्रम में रखे गए और उसमें सीमेंट भर दिया गया।पुलिस ने मामले में करीब एक हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। जुलाई 2025 में जिला जज की अदालत में ट्रायल शुरू हुआ। अभियोजन पक्ष ने अब तक 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए। जांच के दौरान चाकू, उस्तरा, सीमेंट, बालू और नीला ड्रम खरीदने से जुड़े तथ्य सामने आए। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से मिले सबूतों के बारे में गवाही दी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में धारदार हथियार से चोट लगने की पुष्टि हुई। इन सबूतों के आधार पर अदालत ने 30 सितंबर को दोनों को दोषी ठहराया। इसके बाद कोर्ट ने 14 अक्टूबर, 2026 को मुस्कान और साहिल को सौरभ मर्डर केस में फांसी की सजा सुनाई थी।

Updated on:
28 Oct 2026, 7:00 PM IST
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