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Who is Mira Rathore: उत्तर प्रदेश में हाल ही में दो ऐसे चर्चित हत्याकांड सामने आए हैं जिनमें अदालत ने दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में सौरभ राजपूत की हत्यारी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को फांसी की सजा दी गई है। वहीं, दूसरे मामले में पति अमित कश्यप की हत्या कर उसे सांप के काटने से हुई मौत बताने वाली रविता और उसके साथी अमरदीप को भी फांसी की सजा मिली है। इन दोनों मामलों के बीच अब एक नया नाम सुर्खियों में आ गया है वह नाम है मीरा राठौर। जानिए आखिर कौन है मीरा राठौर।
मीरा राठौर आगरा की रहने वाली मुखर हिंदूवादी नेत्री हैं। वह वर्तमान में अखिल भारत हिंदू महासभा की आगरा जिलाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। मीरा अक्सर अपने बयानों और विभिन्न धार्मिक व सामाजिक मुद्दों पर अपनी सक्रियता के कारण चर्चा में बनी रहती हैं। मीरा राठौर अपनी हिंदूवादी पहचान और विवादास्पद धार्मिक-राजनीतिक मुद्दों पर रुख के कारण अक्सर मीडिया और कानूनी चर्चाओं में बनी रहती हैं।
अखिल भारत हिंदू महासभा की आगरा जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने इन दोनों दोषी महिलाओं यानी मुस्कान और रविता को खुद फांसी पर लटकाने की इच्छा जाहिर की है। उन्होंने इसके लिए बाकायदा मथुरा के जिलाधिकारी को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर जल्लाद की जिम्मेदारी निभाने की अनुमति मांगी है। मीरा राठौर का कहना है कि यदि प्रशासन उन्हें इस काम की इजाजत देता है तो वह यह कार्य पूरी तरह निशुल्क करेंगी। इतना ही नहीं उन्होंने फांसी देने से पहले दोनों महिलाओं को गंगाजल से शुद्ध करने की बात भी कही है। अब देखना यह है कि प्रशासन मीरा राठौर के इस प्रार्थना पत्र पर क्या फैसला लेता है।
मामला मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव का है। पत्नी रविता और अमरदीप पर अमित कश्यप की हत्या का आरोप था। वारदात को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने की कोशिश की गई थी। दरअसल 12 अप्रैल, 2025 को अमित कश्यप की हत्या कर दी गई थी। 13 अप्रैल, 2025 की सुबह अमित का शव उसके घर में चारपाई पर मिला था। उसके शरीर पर सांप के डसने के निशान थे और शव के नीचे एक जिंदा सांप दबा हुआ था। परिजनों को भी शुरुआत में लगा कि अमित की मौत सांप के काटने से हुई है। सांप को पकड़कर डिब्बे में बंद कर दिया गया और अमित को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की असली वजह सर्पदंश के बजाय दम घुटना (दम घुटने से मौत) निकलकर आई। अमित के भाई मोनू कश्यप ने उसकी पत्नी रविता और अमरदीप के खिलाफ हत्या की FIR दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर रविता और अमरदीप को गिरफ्तार कर लिया था। 16 अक्टूबर को अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई।
सौरभ राजपूत ने साल 2016 में मुस्कान रस्तोगी से प्रेम विवाह किया था। साल 2019 में दोनों के बीच विवाद हुआ और वे अलग हो गए। उसी साल मुस्कान ने बेटी पीहू को जन्म दिया, जो अब अपने नाना-नानी के पास रहती है। बाद में परिवार ने दोनों के बीच समझौता कराया और वे साथ रहने लगे। इसके बाद सौरभ लंदन चला गया। इसी दौरान मुस्कान की अपने स्कूल के सहपाठी साहिल शुक्ला से नजदीकियां बढ़ गईं।
24 फरवरी, 2025 को सौरभ लंदन से भारत लौटा था। आरोप है कि 3 मार्च की रात मुस्कान और साहिल ने खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेहोश किया। इसके बाद चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी। शव के टुकड़े करके नीले ड्रम में रखे गए और उसमें सीमेंट भर दिया गया।पुलिस ने मामले में करीब एक हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। जुलाई 2025 में जिला जज की अदालत में ट्रायल शुरू हुआ। अभियोजन पक्ष ने अब तक 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए। जांच के दौरान चाकू, उस्तरा, सीमेंट, बालू और नीला ड्रम खरीदने से जुड़े तथ्य सामने आए। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से मिले सबूतों के बारे में गवाही दी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में धारदार हथियार से चोट लगने की पुष्टि हुई। इन सबूतों के आधार पर अदालत ने 30 सितंबर को दोनों को दोषी ठहराया। इसके बाद कोर्ट ने 14 अक्टूबर, 2026 को मुस्कान और साहिल को सौरभ मर्डर केस में फांसी की सजा सुनाई थी।
Updated on:
24 Oct 2026, 4:08 PM IST
Published on:
24 Oct 2026, 2:20 PM IST
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