मेरठ

लोक सभा चुनाव से पहले यूपी के इस शहर में माहौल बिगाड़ने की साजिश, देखें वीडियाे

प्रशासनिक आैर पुलिस अफसरों ने मौके पर पहुंचकर किया निरीक्षण  
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Mar 07, 2019
meerut
लोक सभा चुनाव से पहले यूपी के इस शहर में माहौल बिगाड़ने की साजिश, देखें वीडियाे

मेरठ। यूं तो जरा सी बात पर सांप्रदायिक बवाल होना मेरठ शहर के लिए कोई नई बात नहीं है, लेकिन बुधवार को जिस तरह से मछेरान में हिंसा भड़की। यह हिंसा कोई ऐसी-वैसी न होकर पूर्व सुनियोजित हिंसा थी। इस समय लोकसभा चुनाव सर पर हैं। ऐसे में माहौल को पूरी तरह से सांप्रदायिक रंग देने का काम किया जा रहा था। अतिक्रमण हटाने गई टीम के साथ पहले मारपीट और उसके बाद आगजनी की घटना के बाद तोड़फोड़ असामाजिक तत्वों द्वारा चुनाव से पहले पश्चिमी यूपी में माहौल बिगाड़ने की पुरजोर कोशिश मानी जा रही है। मौके पर पहुंचे डीएम मेरठ अनिल ढींगरा ने इस बात को मीडिया के सामने स्वीकारा भी। पूरा मामला अब खत्म हो चुका है, लेकिन मेरठ की फिजा में अभी भी तनाव बना हुआ है।

अफवाहों ने किया आग में घी का काम

मेरठ में अतिक्रमण हटाने के दौरान जैसे ही मारपीट की खबरें उड़ी। सोशल मीडिया पर भी अफवाह तंत्र काम में जुट गया। धार्मिक स्थल पर आगजनी के बाद मेरठ में कई तरह की अफवाहें फैलाई गई। जिसके कारण शहर के हालात बिगड़ते चले गए। स्थिति तनावपूर्ण होती गई और बेकाबू भीड़ के बीच अराजकतत्व तोड़फोड़ करते हुए हाइवे पर पहुंच गए। जिस तरह से भीड़ के बीच से पथराव किया जा रहा था उसको देखकर लग रहा था क पूरा हमला और हिंसा सुनियोजित है। हिंसा को रोकने के लिए पुलिस ने जवाबी कार्रवाई शुरू की तो लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी। हिंसा पर उतारू भीड़ ने दर्जनों रोडवेज के शीशे तोड़ डाले और उनमें आग लगाने की कोशिश की। अराजकतत्वों ने वाहनों में तोड़फोड़ करते हुए अधिकारियों को भी नहीं बक्खा। उन्हें भी ईंट-पत्थर लेकर दौड़ा लिया। बताते चलें कि जिस जगह हिंसा हुई उससे चंद कदम की दूरी पर ही रोडवेज बस अड्डा है। हिंसाग्रस्त भीड़ वहां तक पहुंच जाती तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी। शहर अब शांति की ओर अग्रसर हैं। जिलाधिकारी हिंसा मामले की मजिस्ट्रेट जांच बैठा दी है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

Updated on:
07 Mar 2019 05:21 pm
Published on:
07 Mar 2019 05:21 pm