सुनीता की मौत और बेटी रूबी के अपहरण से मेरठ का कपसाड़ गांव दहल उठा है। अस्पताल में बेटे मनदीप की दर्दभरी गुहार ने सभी को भावुक कर दिया।
Meerut Dalit Woman Murder :मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में दलित महिला सुनीता की हत्या और उनकी बेटी रूबी के अपहरण के मामले ने पूरे इलाके को हिला दिया है। एसडीएस अस्पताल में इलाज के दौरान सुनीता की मौत की खबर आते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। परिवार में गम, डर और गुस्सा फूट पड़ा।
अस्पताल में जब डॉक्टरों ने बताया कि घायल सुनीता की मौत हो गई, तो पूरा माहौल दहशत और रोने-धोने से भर गया। सुनीता के पति सतेंद्र और बेटे मनदीप इतने टूट गए कि वे फूट-फूटकर रोने लगे। उनकी सिसकियां सुनकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। परिवार की महिलाएं भी जोर-जोर से रोने लगीं।
रोते-बिलखते मनदीप ने अधिकारियों के सामने हाथ जोड़कर अपना दर्द बताया। उसने कहा, "मेरी मां इस दुनिया से चली गईं। मेरी बहन को दबंग जबरन उठाकर ले गए। अब हमें भी अपनी जान का खतरा है। वे हमें भी मार डालेंगे। साहब, मेरी बहन को वापस दिलवाओ। उन दरिंदों के घरों पर बुलडोजर चलाओ और उन्हें एनकाउंटर की सजा दो।" मनदीप की ये बातें सुनकर परिवार की अन्य महिलाएं दहाड़ें मारकर रोने लगीं। मनदीप ने कहा कि मां मर गईं, बहन को ले गए और अब हमें भी मार देंगे।
आक्रोश देखते हुए एसपी देहात अभिजीत कुमार और एसडीएम सरधना उदित कुमार सेंगर मौके पर पहुंचे। जब पति सतेंद्र और बेटा मनदीप सुरक्षा की गुहार लगाते हुए बेसुध होने लगे, तो अधिकारियों ने उन्हें संभाला। एसपी अभिजीत कुमार ने भावुक होकर परिवार को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा, "सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी मेरी है। हम आपको पूरी सुरक्षा देंगे। आप खुद को अकेला मत समझिए। पुलिस दोषियों के खिलाफ ऐसी सजा देगी कि वे ताउम्र याद रखेंगे।" एसपी ने भरोसा दिलाया कि परिवार की मांगें शासन तक पहुंचाई जाएंगी और कानून के दायरे में आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
परिवार के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने अस्पताल को छावनी में बदल दिया। भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। गांव में भी तनाव है और पुलिस कई टीमों से आरोपी पारस और उसके साथियों की तलाश कर रही है। यह घटना जातीय तनाव और दबंगई की गंभीर समस्या को उजागर करती है।