Meerut CMO inspected dengue ward मेरठ में डेंगू से हालात काफी खराब हो गए हैं। स्थिति ये है कि प्रतिदिन 15—20 मरीज डेंगू के मिल रहे हैं। डेंगू के मरीजों से जिला अस्पताल और मेडिकल के वार्ड भर गए हैं। निजी अस्पतालों का भी यहीं हाल है। मेरठ में इस समय डेंगू के मरीजों की संख्या स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 115 पर पहुंच गई है। जबकि स्थिति ठीक इसके विपरीत बताई जा रही है। माना जा रहा है कि इस समय हर घर में कोई ना कोई वायरल और बुखार से पीड़ित है और प्राइवेट पैथलैब की जांच में उसको डेंगू निकल रहा है।
Meerut CMO inspected dengue ward डेंगू के बढ़ते प्रकोप के चलते अब सीएमओ ने मोर्चा संभाल लिया है। आज सीएमओ मेरठ डा0 अखिलेश मोहन ने अस्पताल में बनाए गए डेंगू वार्ड का निरीक्षण कर जरूरी निर्देश दिए। वहीं शासन ने भी प्रदेश के सभी जिला चिकित्सा अधिकारी को डेंगू से निपटने के लिए गाइड लाइन जारी की है। डेंगू से निपटने के लिए विशेषज्ञों की टीमें भी गठित कर गांव देहात में भेजी जा रही है। ये टीमें सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को लेकर ग्रामीणों का मार्गदर्शन करेंगी। मेरठ सहित पूरे पश्चिमी उप्र में इस समय डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
बता दें कि इस समय जितने भी डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं। उनमें अधिकांश ग्रामीण इलाकों और शहर के मलिन बस्तियों के हैं। मेरठ में आए रहे डेंगू के मामलों में इनका योगदान 80 प्रतिशत का है। मेरठ स्वास्थ्य विभाग विशेषज्ञ टीमों में रोग नियंत्रण केंद्र व मच्छर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अधिकारी शामिल किए गए हैं। वहीं अगर मेरठ में डेंगू के मामलों को देखें तो इस साल अभी तक 115 डेंगू के मामले सामने आए हैं। ये सभी अक्टूबर और नवंबर के महीने में सामने आए हैं। यह आंकड़े पिछले दो सालों में सबसे अधिक है।
मेरठ के पड़ोसी जिले गाजियाबाद में तो डेंगू से हालात और अधिक खराब हैं।
गाजियाबाद में सबसे अधिक डेंगू के मरीजा साहिबाबाद और मकनपुर के हैं। डेंगू के अधिकांश मरीज अक्टूबर में सामने आए हैं। मेरठ और गाजियाबाद ही नहीं मंडल के सभी जिलों का यही हाल है। मंडल के जिलों में डेंगू के सबसे अधिक मरीज पाए गए हैं। हालांकि तेजी से बढ़ रहे मामलों के बीच राहत की बात यह भी है कि मरीजों की हालत अधिक गंभीर नहीं है। जिले में मिले डेंगू के मरीजों में करीब 45 प्रतिशत ऐसे हैं जिन्हें अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ी है। बता दें कि डेंगू वायरस संक्रमित एडीज प्रजाति के मच्छरों के काटने से फैलते हैं। इसकी चपेट में आने के बाद मरीज को बुखार, शरीर में दर्द, उल्टी और ब्लडप्रेशर में गिरावट आती है।