मेरठ

लड़की में प्राइवेट पार्टस प्रत्यारोपण कर बना दिया लड़का, मेरठ मेडिकल के चिकित्सकों का कमाल

मेरठ का मेडिकल कालेज जो कि आए दिन अपने कारनामों के कारण सुर्खियों में रहता है। लेकिन यहां के चिकित्सकों ने अपने चिकित्सीय ज्ञान का ऐसी मिसाल पेश की जो कि पूरे पश्चिमी उप्र के चिकित्सीय जगत के लिए एक मिसाल बन गई है। मेडिकल कालेज के चिकित्सकों ने लड़की में पुरुष का प्राइवेट पार्टस प्रत्यारोपण कर उसको लड़का बना दिया। लड़की से लड़का बनी मरीज अभी गहन चिकित्सीय देखरेख में है।

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Jun 10, 2022
लड़की में पुरुष का प्राइवेट पार्टस प्रत्यारोपण कर बना दिया लड़का, मेरठ मेडिकल के चिकित्सकों का कमाल

मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कालेज के चिकित्सकों ने चिकित्सा जगत में चमत्कार करते हुए एक लड़की को पुरुष का प्राइवेट पार्टस प्रत्यारोपित कर उसको लड़का बना दिया। ये कमाल मेरठ मेडिकल कालेज के सुपरस्पेशियलिटी ब्लाक में चिकित्सकों ने कर दिखाया। जहां पर लड़की की सर्जरी कर पुरुष का प्राइवेट पार्टस प्रत्यारोपण करते हुए लड़का बना दिया। जिस लड़की की सर्जरी की गई उसमें एक्सवई क्रोमोसोम थे। जिस वजह से उसके भीतर पुरुषों के लक्षण दिखाई देते थे। लड़की की सहमति से ही उसको पुरुष का प्राइवेट पार्टस प्रत्यारोपण किया गया है।

पश्चिमी उप्र में यह अपनी तरह का पहला ऐसा आपरेशन है। जिसमें किसी लड़की को पुरुष का प्राइवेट पार्टस प्रत्यारोपित किया गया है। लड़की इस समय बिल्कुल स्वास्थ्य है। मेडिकल कालेज के प्लास्टिक सर्जन डा. भानु प्रताप सिंह और डा. कनिका सिंगला ने यह आपरेशन किया। उन्होंने बताया कि हार्मोंनल असंतुलन के कारण कई लड़कियों में लड़कों जैसे लक्षण उभर आते हैं। जिस लड़की का आपरेशन किया गया। उसके शरीर में पुरुष के क्रोमोसोम थे। इसके बाद लड़की का चिकित्सीय परीक्षण किया गया। इसके लिए एंडाक्रायोनोलोजिस्ट, साइकेट्रिस्ट व अन्य डाक्टरों की टीम बनाई गई। इसमें लड़की की सहमति बहुत जरूरी थी। उसकी सहमति मिलने के बाद ही डा. सुधीर राठी, डा. धीरज राज सहित कई अन्य विशेषज्ञों का पैनल बनाए गए। इसके बाद लड़की के हाथ से मोटी खाल निकालकर आठ घंटे आपरेशन के बाद पतली नसों को जोड़कर पुरुष का प्राइवेट पार्टस प्रत्यारोपण किया गया।

प्राचार्य डा0 आरसी गुप्ता ने इस बारे में जानकारी दी कि विशेषज्ञ चिकित्सक बड़े आपरेशन कर चुके हैं। सुपरस्पेशियलिटी ब्लाक के चिकित्सकों के कारण अब मरीजों को एम्स और पीजीआई जाने की जरूरत नहीं होगी। डा. कनिका ने बताया कि मरीज को एक महीने तक गहन निरीक्षण में रखा जाएगा। डॉक्टर कनिका ने बताया कि यह पश्चिमी उप्र के किसी मेडिकल कालेज में इस प्रकार की पहली सर्जरी है। डॉक्टरों ने बताया कि लड़की का क्रोमोसोम एक्सवाई है। जबकि लड़कियों में एक्स एक्स क्रोमोसोम होता है। कई बार पुरुषों और महिलाओं में हार्मोस असंतुलन के कारण भी विपरीत लक्षण उभरते हैं।

Published on:
10 Jun 2022 07:08 pm
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