Meerut Nauchandi Fair पिछले दो साल से लगातार कोरोना संक्रमण की भेट चढ़ रहा उत्तरी भारत का सैकड़ों साल पुराना मेरठ का मेला नौंचंदी इस बार शुरू हो गया है। शहीद द्वार नौचंदी ग्राउंड पर फीता काटकर आईजी प्रवीण कुमार और आयुक्त सुरेंद्र सिंह व जिलाधिकारी के बालाजी ने नौचंदी मेले का शुभारंभ किया। उन्होंने मेला नौचंदी परिसर में स्थित महात्मा गांधी आदि महानुभावों की मूर्तियों पर माल्यार्पण किया व मंदिर में पूजा अर्चना की और बालेमियां की मजार में चादर चढ़ाई।
Meerut Nauchandi Fair मजहबी एकता का प्रतीक उत्तरी भारत का सैकड़ों साल पुराना मेरठ का मेला नौचंदी Nauchandi Fair इस बार शुरू हो गया। हिंदु-मुस्लिम एकता के प्रतीक इस ऐतिहासिक मेला नौचंदी का भव्य उद्घाटन हुआ। मेला नौचंदी परिसर में कमिश्नर सुरेंद्र सिंह और आईजी प्रवीण कुमार ने रंगारंग कार्यक्रमों के बीच मेला का उद्घाटन किया। नौचंदी मैदान स्थित प्राचीन चंडी मंदिर में अधिकारियों ने पूजन कर चुनरी चढ़ाई और मंदिर के सामने हजारों साल पुरानी हजरत बाले मियां की मजार पर चादर चढ़ाकर मेले के शांतिपूर्ण आयोजन की दुआ मांगी। देर रात तक मेला परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला चला। बता दें पिछले दो साल से मेरठ में नौचंदी मेला नहीं लग रहा था। कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के चलते मेला को प्रशासन ने निरस्त कर दिया था।
इस ऐतिहासिक मेले का हिस्सा बनने के लिए दूर-दूर से दुकानें आती हैं। जबकि इसे देखने भी आसपास के जिलों से लोग आते हैं। दो साल के अंतराल के दौरान मेले को प्रदेश सरकार ने प्रांतीय मेला घोषित कर दिया। जिसके बाद अब इस मेले पर मालिकाना हक जताने का नगर निगम और जिला पंचायत का विवाद भी खत्म हो गया है। जिला प्रशासन द्वारा इस वर्ष कार्यदायी एजेंसी के रूप में जिला पंचायत को मेला आयोजन की जिम्मेदारी दी गई है। रविवार शाम पांच बजे शहीद द्वार के पास मेले का पारंपरिक उद्घाटन भव्य समारोह के बीच हुआ।
कमिश्नर सुरेन्द्र सिंह और आइजी प्रवीण कुमार ने मेला स्थल पर स्थापित पांचों महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण करके और शांति के प्रतीक सफेद कबूतर उड़ाकर मेले का उद्घाटन किया। मेले के उद्घाटन के बोर्ड से युक्त गुब्बारे उड़ाकर उन्होंने पूरे शहर को मेले के उद्घाटन की सूचना देने की रस्म को भी पूरा किया। यहां से अधिकारियों और प्रमुख लोगों का काफिला प्राचीन चंडी मंदिर पहुंचा। यहां पीठाधीश्वर संजय शर्मा ने पूजन कराकर चुनरी चढ़वाई। हजरत बाले मियां की मजार पर पहुंचकर अधिकारियों ने चादर चढ़ाई व मेले के शांतिपूर्ण आयोजन की दुआ की। मुतवल्ली मुफ्ती अशरफ सज्जादानशीं ने दुआ कराई।