मेरठ

कोर्ट के आदेश के बाद सेंट्रल मार्केट में मची अफरा-तफरी, व्यापारियों ने लिया आर-पार का फैसला,रात भर चली बैठकें

सुप्रीम कोर्ट आदेश के डर से शास्त्रीनगर मार्केट में अफरा-तफरी मची। व्यापारी और अस्पताल संचालक सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए रातभर सतर्क रहे।
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Updated: 7 Apr 2026, 12:20 PM IST
मेरठ सेंट्रल मार्केट में रातभर अफरा-तफरी
मेरठ सेंट्रल मार्केट में रातभर अफरा-तफरी

Meerut News: मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सोमवार रात भारी अफरा-तफरी देखने को मिली। सीलिंग और कड़ी कार्रवाई की आशंका के चलते व्यापारी, अस्पताल संचालक और अन्य प्रतिष्ठान संचालक देर रात तक अपनी व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने लगे। रात में अस्पताल में संचालकों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस दौरान भर्ती मरीजों का पूरा ब्योरा तैयार किया गया और कम गंभीर मरीजों को आसपास के अस्पतालों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू हुई। गंभीर मरीज फिलहाल अस्पताल में ही रखे गए हैं। कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अब किसी नए मरीज को भर्ती न किया जाए।

दुकानों और शोरूमों में कार्रवाई

दूसरी ओर, दुकानों और शोरूमों के संचालकों ने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए रात में अपने बड़े-बड़े कमर्शियल बोर्ड उतारने शुरू किए। बुलडोजर और क्रेन की मदद से कई प्रतिष्ठानों के बोर्ड हटा दिए गए। शास्त्रीनगर स्कीम नंबर-7 में नोटिस वाले प्रतिष्ठानों के बाहर देर रात तक व्यापारियों का जमावड़ा बना रहा। सीलिंग के डर से कई व्यापारी रातभर जागते रहे और बाजार पर नजर बनाए रखी। उनका कहना था कि जब तक अदालत का लिखित आदेश सामने नहीं आता, वे सतर्कता के तौर पर कदम उठा रहे हैं। कई दुकानदारों ने डर की वजह से रातोंरात अपनी दुकानें खाली कर दी। इस दौरान कई थानों की पुलिस फोर्स भी मौके पर तैनात रही।

संयुक्त व्यापार संघ की बैठक

सेंट्रल मार्केट के व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बचाने के लिए संयुक्त व्यापार संघ और उससे जुड़े लगभग 665 व्यापारिक संगठनों ने कदम तेज कर दिए। सोमवार रात करीब 11:30 बजे संगठन महामंत्री संजय जैन के कार्यालय में व्यापारी, स्कूल प्रबंधन और अस्पताल संचालक बैठक में शामिल हुए। संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि व्यापारियों की रोजी-रोटी बार-बार संकट में पड़ रही है और पूरे शहर के व्यापारियों से एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की। तरुण गुप्ता, संजीव अग्रवाल, मनोज अग्रवाल और अन्य व्यापारी भी बैठक में मौजूद रहे।

अजय गुप्ता ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को मार्केट की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया और कहा कि 24 घंटे में सब कुछ सील करना उचित नहीं है। व्यापारी नेता अंकुर गोयल ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए व्यापारियों की आजीविका सुरक्षित रखने के लिए प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की अपील की।

Updated on:
7 Apr 2026, 12:20 PM IST
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