अमित शाह ने भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में सांसदों आैर विधायकों को दी थी सलाह
मेरठ। एक तरफ सरकार अपनी छवि सुधारने के लिए कल्याणकारी योजनाआें को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत हैं। वहीं दूसरी ओर सांसद और विधायक के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारी भी उनके अपने समर्थक हैं, जिन्होंने 2017 में भाजपा को यह सोचकर वोट किया था उनके क्षेत्र की समस्याएं खत्म होगी। लेकिन समस्या खत्म होना तो दूर समस्याएं और बढ गई है। आरोप है कि जब क्षेत्रीय लोगों ने अपनी समस्या उठाने के लिए कमिश्नरी पर प्रदर्शन किया तो सांसद ने कई गाड़ी पुलिस की भेजकर वहां दबाव बनाने की कोशिश की।
अमित शाह ने दी थी सांसदों आैर विधायकों को सलाह
भाजपा जनप्रतिनिधियों के प्रति जनता का यह आक्रोश तब है जबकि अभी कुछ दिन पहले ही प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सभी विधायकों और सांसदों के पेंच कसे थे और हिदायत दी थी कि वे अधिक से अधिक जनता के बीच जाए और उनकी समस्याओं का समाधान करें। लेकिन मेरठ जिस तरह की स्थिति दिख रही है उससे तो लगता है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष की हिदायत का इन जनप्रतिनिधियों पर कोई असर नहीं है। रोहटा रोड निवासियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापित एक ज्ञापन भेजा है। इससे पहले रोहटा रोड निवासियों ने एक प्रदर्शन किया। जिसमें उन्होंने सांसद और विधायक के फोटो लिए बैनर और होर्डिग्स लिए हुए थे और उनमें दोनों जनप्रतिनिधियों के विरोध में नारे लिखे हुए थे।
दो साल से खराब हालत में है रोहटा रोड
प्रदर्शकारियों का नेतृत्व कर रहे दुष्यंत रोहटा का कहना है कि रोहटा रोड पिछले दो साल से जर्जर हालात में है। जनता सड़क निर्माण के लिए धरने, प्रदर्शन, भूख हड़ताल तक कर रही है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ज्ञापन में लिखा है कि आज हम आपके सांसद और विधायक को कुम्भकर्णी नींद से जगाने के लिए एक शयन यात्रा बैंड बाजों के साथ निकाल कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि अगर आने वाले आठ दिनों में जो प्रस्ताव 22 करोड़ 65 लाख का पास किया गया है वह लखनऊ नहीं भेजा गया तो रोहटा रोड के हजारों लोग सरकार, सांसद, विधायक के पुतले जलाएंगे।
क्षेत्र के लोगों ने कहा- नहीं देंगे भाजपा को वोट
आने वाले चुनाव में 2019 में भाजपा पार्टी को वोट नहीं देगे। सड़क निर्माण न होने पर भाजपा नेताओं को चूड़ियां भेंट करेंगे। शयन यात्रा में सुशील कुमार, सुनील कुमार, ओमकार साहरण, नरेश शर्मा, जयराज सिंह आदि शामिल रहे। इस बारे में सांसद राजेन्द्र अग्रवाल को फोन किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा।