Sub-inspectors Arrested In Prayagraj : मेरठ में दो दरोगा ने एक व्यवसायी को डरा-धमकाकर 20 लाख रुपए ऐंठ लिए। व्यवसायी को दिल्ली ब्लॉस्ट केस में फंसाने की धमकी दी थी।
मेरठ : मेरठ में दो दरोगा ने एक व्यवसायी को अपने चंगुल में फंसा लिया। दोनों ने व्यवसायी से 20 लाख रुपए ऐंठ लिए। दोनों दरोगा ने व्यवसायी से कहा कि अगर मुंह खोला तो दिल्ली ब्लॉस्ट मामले में फंसा देंगे औऱ जीवनभर जेल में सड़ेगा। फिलहाल मेरठ पुलिस ने दोनों दरोगा को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों दरोगा-लोकेंद्र साहू और महेश गंगवार हैं।
मामला मेरठ का है, यहां के धागा व्यवसायी इस्लामाबाद रिक्शा रोड निवासी रासिख की ने शिकायत की थी। उनकी एमएसआरएस टेक्सटाइल नाम की फर्म है। कारोबारी ने पुलिस को जानकारी देते हुए बताया था कि वह नौचंदी के पास से अपनी दुकान से घर लौट रहे थे। इसी दौरान एक कार आकर रुकी, उस कार में दो दरोगा मौजूद थे। उन्होंने मुझे अपनी कार में जबरदस्ती बैठा लिया।
कार में बैठाने के बाद दोनों ने व्यवसायी को धमकाना शुरू किया और बोले- फंडिंग करता है…तेरे ऊपर तो रासुका लगाएंगे। इसके बाद दोनों उसे हापुड़ लेकर गए। यहां हवाला का पैसा मंगवाकर उसपर आरोप लगाया कि वह फंडिंग करता है।
व्यापारी ने बताया कि दोनों दरोगाओं ने मुझे रातभर टॉर्चर किया, जिससे मेरी तबीयत बिगड़ने लगी। गोली मारने की धमकी दी और अल्लीपुर के जंगल में ले जाकर मनमानी वीडियो बनाई। व्यवसायी रासिख का कहना है कि मुझे इतना डरा दिया कि मैं वही करने लगा जो वह बोल रहे थे। मैं बहुत ज्यादा डर गया था।
दोनों दरोगा ने व्यवसायी से 50 लाख रुपए की डिमांड की। व्यवसायी ने कहा यह बहुत बड़ी रकम है। इतने पैसे मैं नहीं ला सकता, न ही इतनी बड़ी रकम की एकाएक व्यवस्था हो सकती है। इसके बाद दोनों ने 20 लाख रुपए की डिमांड कर दी। इसके बाद कहा कि अगर पैसा नहीं दिया तो गोली मार देंगे और एनकाउंटर दिखा देंगे।
व्यवसायी रासिख ने आगे कहा कि मैंने अपने बहनोई नईम को फोन किया और 14 लाख रुपए लेकर आने की बात कही। थोड़ी देर बाद बहनोई दरोगा के बताए स्थाने पर 14 लाख रुपए लेकर आए और पैसों से भरा बैग उन्हें थमा दिया। उन्होंने आकर कहा कि 6 लाख व्यवस्था नहीं हो पाई है। जल्दी ही व्यवस्था करके वह 6 लाख रुपए उन्हें दे देंगे। इसके बाद दोनों ने उन्हें जाने दिया। रासिख ने बताया कि घर आकर मैंने सबसे पहले 6 लाख रुपए की व्यवस्था की और उनके बताए स्थान पर 6 लाख रुपए लेकर पहुंचे।
दरोगाओं ने व्यवसायी को धमकी दी कि अगर मुंह खोला तो तुझे दिल्ली ब्लॉस्ट में तुझे फंसा देंगे। पीरी जिंदगी जेल में सड़ेगा और परिवार को भी शांति से जीने नहीं देंगे। आगे कहा कि हमारे पास तेरी फंडिंग को कबूल करते हुए वीडियो है जिसे वायरल कर देंगे।
व्यवसायी ने बताया कि यह घटना मेरे साथ 8 दिसंबर को हुई थी। मैं हिम्मत ही नहीं कर पा रहा था कि किससे शिकायत करूं। लेकिन, 6 फरवरी को दोनो दरोगा के खिलाफ एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह के दफ्तर पहुंचकर शिकायत दर्ज की। एसपी को इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। एसपी सिटी ने सीनियर अफसरों के संज्ञान में मामला डाला और मदद का भरोसा दिलाया।
सबसे पहले अफसरों ने आरोपों की पुष्टि के लिए दोनों दरोगा को अपने भरोसे में लिया और उनसे कहा कि व्यवसायी का पैसा लौटा दो…किसी भी प्रकार की कोई भी कार्रवाई नहीं होगी। इसके बाद दोनों दरोगा ने व्यवसायी के पास 14 लाख रुपए भिजवा दिए। आरोपों की पुष्टि होते पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। FIR दर्ज होते ही दोनों फऱार हो गए।
इसी दौरान मेरठ पुलिस को इनपुट मिला कि दोनों दरोगा किसी वकील से मिलने पहुंचने वाले हैं। मेरठ पुलिस की टीम प्रयागराज पहुंच गई। दोनों दरोगा-लोकेंद्र साहू और महेश गंगवार-वकील के चेंबर में पहुंचे और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।