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सऊदी जाने से इनकार पर दिया ‘तीन तलाक’…फिर ‘हलाला’, अब बच्चे को अपनाने से इनकार

Meerut Triple Talaq Case : मेरठ में मजहबी रीति-रिवाजों का एक मामला सामने आया। यहां एक पति ने पहले पत्नी को 3 तलाक दिया फिर देवर से हलाला करवाया।
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मेरठ

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Avaneesh Kumar Mishra

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Updated: 19 Feb 2026, 4:39 PM IST

सऊदी जाने से इनकार पर महिला को दिया तीन तलाक, PC- Patrika

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां परीक्षितगढ़ इलाके में एक महिला की जिंदगी को मजहबी रीतियों की आड़ में नर्क बना दिया गया। आरोप है कि सऊदी अरब जाने से इनकार करने पर पति ने पहले 'तीन तलाक' दिया, फिर दबाव बनाकर देवर से 'हलाला' कराया और अब मासूम बच्चे को अपना मानने से इनकार कर दिया है।

सऊदी जाने से महिला ने किया मना

पीड़िता शमा परवीन का निकाह 27 नवंबर 2022 को अमीनाबाद (बड़ा गांव) के रहने वाले नाजिम के साथ हुआ था। निकाह के बाद नाजिम उसे लेकर सऊदी अरब चला गया। एक साल वहां रहने के बाद जब दोनों वापस लौटे, तो नाजिम ने फिर से विदेश जाने की जिद पकड़ ली। शमा ने इस बार जाने से इनकार किया, तो ससुराल वालों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। विवाद इतना बढ़ा कि नाजिम ने कानून को ताक पर रखकर शमा को 'तीन तलाक' दे दिया।

फिर हुआ हलाला का खौफनाक 'खेल'

शमा का आरोप है कि पति और ससुराल वालों (सास जुबेदा, ननद नाजमा और चचा ससुर हसमत) ने साजिश रचकर उस पर 'हलाला' का दबाव बनाया। इसके लिए शमा का निकाह उसके सगे देवर रिजवान से करा दिया गया। जुल्म की हद तब हो गई जब निकाह के महज तीन-चार दिन बाद ही रिजवान ने भी उसे तलाक दे दिया, ताकि वह दोबारा नाजिम से निकाह कर सके।

बच्चे को अपनाने से इनकार

इस प्रताड़ना के बीच शमा ने एक बच्चे को जन्म दिया, लेकिन अब नाजिम ने उसे अपना खून मानने से साफ इनकार कर दिया है। पीड़िता का सबसे गंभीर आरोप पुलिस की कार्यप्रणाली पर है। शमा के अनुसार 15 दिसंबर 2025 को शिकायत के बावजूद दरोगा अजीत कुमार ने तहरीर बदलवा दी और मामले को दबाने की कोशिश की। 16 फरवरी 2026 को थाने बुलाकर पीड़िता पर दबाव बनाया गया कि वह निकाह का खर्चा लेकर खामोश बैठ जाए। 'मुझे न्याय देने के बजाय पुलिस प्रशासन परेशान कर रहा है। दरोगा समझौते का दबाव बना रहे हैं, जबकि मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी गई है।'

पुलिस बोली सुलह केंद्र में है मामला

मामले के तूल पकड़ने पर पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई। परीक्षितगढ़ थाना प्रभारी सुधीर सिंह सिरोही ने बताया कि यह एक पारिवारिक विवाद है और फिलहाल मामला मिडिएशन सेंटर (सुलह केंद्र) में है। वहीं, एसपी देहात अभिजीत कुमार ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन देते हुए कहा है कि पीड़िता के बयानों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, शमा अपने मासूम बच्चे को गोद में लिए अधिकारियों की चौखट पर न्याय की गुहार लगा रही है।

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