मेरठ की हवा सोमवार को असाधारण रूप से भारी थी। तिरंगे में लिपटा एक बेटा अपने आंगन लौटा था। लेकिन, कदमों से नहीं, कंधों पर। जम्मू-कश्मीर में तैनात भारतीय सेना के हवलदार राहुल भड़ाना का पार्थिव शरीर जैसे ही भड़ौली गांव पहुंचा, हर आंख नम हो गई, हर दिल गर्व और पीड़ा से भर उठा।