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कैंसिल हुई आकांक्षा और साहिल की शादी, हिंदूवादी संगठनों ने बताया था लव-जिहाद, बुलाई महापंचायत

Meerut Interfaith Marriage Controversy : मेरठ में बैंककर्मी आकांक्षा गौतम और शाहवेज राना (उर्फ साहिल) की तयशुदा शादी विवादों में घिर गई। हिंदूवादी संगठनों के विरोध के बाद दोनों ने शादी कैंसिल कर दी।

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हिंदूवादी संगठनों के विरोध के बाद कैंसिल हुई दोनों की शादी, PC-X

मेरठ में बैंककर्मी आकांक्षा गौतम और शाहवेज राना (उर्फ साहिल) की तयशुदा शादी विवादों में घिर गई। हिंदूवादी संगठनों ने इसे ‘लव जिहाद’ करार देते हुए विरोध की घोषणा की, जिसके बाद संभावित बवाल की आशंका में दोनों परिवारों ने शादी फिलहाल रद्द कर दी। महापंचायत की घोषणा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में है।

संगठनों का विरोध, पुलिस की सख्ती

गाजियाबाद में हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी के महापंचायत में शामिल होने के ऐलान के बाद उन्हें एहतियातन हाउस अरेस्ट किया गया। यति नरसिंहानंद गिरी को डासना मंदिर में निगरानी में रखा गया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने कहा कि पंचायत 'हिंदू बहन-बेटियों की सुरक्षा' के मुद्दे पर बुलाई जा रही है। एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि बिना अनुमति पंचायत की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाकर हटाया, स्थिति फिलहाल सामान्य है; कानून-व्यवस्था भंग करने पर विधिक कार्रवाई होगी।

युवती का पक्ष: 'मैं बालिग हूं, अपनी मर्जी से शादी'

आकांक्षा ने कहा, 'मैं बालिग हूं और अपनी मर्जी से शादी कर रही हूं। मैं अंबेडकरवादी हूं और बौद्ध धर्म मानती हूं। शादी बौद्ध रीति-रिवाज से होनी थी।' उन्होंने दावा किया कि दोनों परिवार वर्षों से एक-दूसरे को जानते हैं। 'साहिल' उनका निकनेम है, जिसे उनकी मां ने दिया और कार्ड पर वही छपा।

चाचा की शिकायत, एफआईआर दर्ज

युवती के चाचा प्रेमचंद ने धर्मांतरण और संपत्ति हड़पने की साजिश का आरोप लगाते हुए शिकायत दी। गंगानगर थाने में केस दर्ज कर पुलिस दोनों पक्षों के दावों, कार्ड पर अलग-अलग नाम और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

परिजनों के मुताबिक, दोनों ने 1954 के स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत 17 नवंबर 2025 को सिविल मैरिज के लिए आवेदन किया था। आधार, अविवाहित होने का प्रमाण और पते के दस्तावेज जमा किए गए। जनवरी 2026 तक एडीएम-सिटी कार्यालय से आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने की सूचना मिली, जिसके बाद शादी की तैयारियां तेज की गईं। विवाद तब बढ़ा जब एक कार्ड पर 'शाहवेज राना' और दूसरे पर 'साहिल' नाम छपा मिला।

दलित समाज से आती है आकांक्षा

आकांक्षा दलित समाज से हैं और एक प्राइवेट बैंक में अकाउंट्स मैनेजर हैं। उनके पिता एलआईसी में डेवलपमेंट ऑफिसर थे और 2023 में उनका निधन हो गया। शाहवेज राना एक निजी अस्पताल में मैनेजर हैं। दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से जान-पहचान बताई जा रही है।

पुलिस जांच जारी है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की अवैध भीड़ या उकसावे पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। दोनों परिवारों ने फिलहाल शादी टाल दी है और कानूनी सलाह ले रहे हैं।