परिजनों के मुताबिक, दोनों ने 1954 के स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत 17 नवंबर 2025 को सिविल मैरिज के लिए आवेदन किया था। आधार, अविवाहित होने का प्रमाण और पते के दस्तावेज जमा किए गए। जनवरी 2026 तक एडीएम-सिटी कार्यालय से आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने की सूचना मिली, जिसके बाद शादी की तैयारियां तेज की गईं। विवाद तब बढ़ा जब एक कार्ड पर 'शाहवेज राना' और दूसरे पर 'साहिल' नाम छपा मिला।