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शादी के दिन हिस्ट्रीशीटर के साथ भागी महिला सिपाही की लव स्टोरी आई सामने… बोली दुल्हन तो उसी की बनूंगी!

मेरठ में शादी के दिन महिला सिपाही अचानक हिस्ट्रीशीटर के साथ चली गई। परिवार के लोगों ने समझा कि अपहरण हो गया। लेकिन बाद में मामला 12 साल पुरानी लव स्टोरी का निकला। आखिर क्यों दुल्हन ने कहा कि वही मेरा जीवनसाथी है? आइये जानते हैं लव स्टोरी की पूरी कहानी।

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मेरठ

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Mahendra Tiwari

Feb 11, 2026

सांकेतिक तस्वीर फोटो जेनरेट AI

सांकेतिक तस्वीर फोटो जेनरेट AI

मेरठ की महिला सिपाही संध्या भारद्वाज के कथित अपहरण मामले ने चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। जांच में सामने आया कि वह अपनी शादी वाले दिन खुद ही एक हिस्ट्रीशीटर युवक के साथ चली गई थी। मामला सिर्फ किडनैपिंग का नहीं, बल्कि 12 साल पुराने प्रेम संबंध का निकला। जिसने पूरे परिवार को हिला दिया।

मेरठ के बहसूमा क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव में 8 फरवरी को शादी की खुशियां थीं। घर में ढोलक बज रही थी। महिलाएं गीत गा रही थीं। परिवार बारात की तैयारी में जुटा था। संध्या भारद्वाज की शादी अलीगढ़ में तैनात एक सिपाही से तय हुई थी। लेकिन शादी से ठीक पहले ऐसा घटनाक्रम हुआ। जिसने पूरे इलाके को चर्चा में ला दिया।

अंकित ने संध्या को किया फोन, वह बाइक पर बैठी और उसके साथ चली गई

7 फरवरी की देर रात करीब 2 बजे गांव में हिस्ट्रीशीटर अंकित चौहान बाइक लेकर पहुंचा। उसने संध्या को फोन किया। थोड़ी ही देर में संध्या घर से बाहर आई। परिवार के लोग भी पीछे-पीछे पहुंच गए। वहां कहासुनी हुई। अंकित ने विरोध जताया कि जब दोनों एक-दूसरे को चाहते हैं। तो शादी कहीं और क्यों की जा रही है। इसके बाद संध्या खुद उसकी बाइक पर बैठ गई। और दोनों वहां से चले गए।

महिला सिपाही खुद पहुंची थाने कहा वह अंकित के साथ अपनी मर्जी से गई थी

परिवार ने इसे अपहरण मानते हुए थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने सीमाओं पर घेराबंदी कर दी। मामला महिला सिपाही से जुड़ा होने के कारण तेजी से कार्रवाई शुरू हुई। हालांकि कुछ ही घंटों में घटनाक्रम बदल गया। संध्या मवाना थाने पहुंची और बयान दिया कि वह अपनी मर्जी से अंकित के साथ गई थी। दोनों कोर्ट मैरिज करना चाहते थे। लेकिन हालात बिगड़ने पर ऐसा नहीं हो सका।

कोर्ट में साफ कहा वह अपनी मर्जी से गई थी

बताया जाता है कि संध्या की मां भी उसे समझाने पहुंच गई थीं। उन्होंने बेटी को सामाजिक बदनामी और परिवार की प्रतिष्ठा का हवाला दिया। इसी बीच पुलिस की सक्रियता बढ़ती देख अंकित अलग हो गया। बाद में संध्या अपने ननिहाल चली गई। वहीं से उसने पूरी बात स्पष्ट की। 9 फरवरी को अदालत में संध्या ने साफ कहा कि वह स्वेच्छा से गई थी। 10 फरवरी को अंकित ने भी कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया।

बुआ के घर रहकर पढ़ाई के दौरान बढ़ी थी नजदीकियां

दरअसल, दोनों की पहचान कोई नई नहीं थी। करीब 12 साल पहले जब संध्या 9वीं कक्षा में अपनी बुआ के गांव में रहकर पढ़ाई कर रही थी। तभी उसकी मुलाकात अंकित से हुई थी। पहले दोस्ती हुई, फिर मुलाकातें बढ़ीं और रिश्ता गहरा होता गया। समय के साथ यह संबंध प्रेम में बदल गया। एक तरफ परिवार की पसंद की शादी, दूसरी तरफ वर्षों पुराना प्रेम—इसी खींचतान ने शादी वाले दिन ऐसा मोड़ लिया। जिसने खुशियों को विवाद में बदल दिया।