
दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे।
भारत में सड़क और परिवहन ढांचे का तेजी से विस्तार हो रहा है। इसी कड़ी में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (Delhi-Meerut Expressway) देश का सबसे चौड़ा एक्सप्रेसवे बनकर सामने आया है। आमतौर पर जहां भारत में एक्सप्रेसवे 6 या 8 लेन के होते हैं, वहीं इस एक्सप्रेसवे का एक बड़ा हिस्सा पूरे 14 लेन का है। इसी वजह से इसे देश का सबसे चौड़ा एक्सप्रेसवे कहा जाता है।
यह आधुनिक एक्सप्रेसवे दिल्ली से मेरठ की यात्रा को न सिर्फ तेज बनाता है, बल्कि इसे सुरक्षित और लगभग सिग्नल-फ्री भी करता है। दिल्ली-एनसीआर के लाखों यात्रियों के लिए यह सड़क किसी लाइफलाइन से कम नहीं है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई करीब 96 किलोमीटर है। यह एक्सप्रेसवे NH-9 का हिस्सा है और इसकी शुरुआत दिल्ली के सराय काले खां क्षेत्र से होती है। यह मार्ग गाजियाबाद होते हुए मेरठ तक जाता है। यह एक्सप्रेसवे 1 अप्रैल 2021 से पूरी तरह चालू हो चुका है।
इस एक्सप्रेसवे का लगभग 27 किलोमीटर लंबा हिस्सा 14 लेन का है। बाकी हिस्सा 6 लेन का बनाया गया है। 14 लेन वाले सेक्शन में दोनों दिशाओं की मुख्य लेन, सर्विस रोड और अन्य सहायक लेन शामिल हैं। इसकी वजह से ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम हो जाता है और यात्रा का समय भी घटता है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का बेहतरीन उदाहरण माना जाता है। पूरे रूट पर 23 छोटे-बड़े पुल, 10 फ्लाईओवर, 3 रेलवे ब्रिज, 35 अंडरपास, 4,500 से ज्यादा स्ट्रीट लाइट, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी जैसी सुविधाएं दी गई हैं, जो इसे एक स्मार्ट एक्सप्रेसवे बनाती हैं।
इस एक्सप्रेसवे को चार चरणों में विकसित किया गया है
इन सभी चरणों के पूरा होने के बाद दिल्ली से मेरठ की यात्रा अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज हो गई है। साइकिल ट्रैक और पैदल यात्रियों की सुविधा इस एक्सप्रेसवे की खास बात यह है कि इसके कुछ हिस्सों में 2.5 मीटर चौड़ा साइकिल ट्रैक बनाया गया है। साथ ही पैदल यात्रियों के लिए अलग फुटपाथ भी मौजूद हैं। इससे यह सड़क केवल वाहनों के लिए ही नहीं, बल्कि सुरक्षित और संतुलित यातायात व्यवस्था का उदाहरण बनती है।
दिल्ली-मेरठ रोड पर पहले करीब 31 ट्रैफिक सिग्नल पड़ते थे, जिससे लोगों को भारी जाम का सामना करना पड़ता था। एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद यह मार्ग लगभग पूरी तरह सिग्नल-फ्री हो गया है। अब दिल्ली से मेरठ का सफर कम समय में और बिना रुकावट पूरा किया जा सकता है।
भारत का सड़क नेटवर्क देश के लगभग 71 प्रतिशत माल परिवहन और 85 प्रतिशत यात्री यातायात का भार संभालता है। ऐसे में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाएं आर्थिक विकास और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। कुल मिलाकर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे न सिर्फ भारत का सबसे चौड़ा एक्सप्रेसवे है, बल्कि यह आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, तेज रफ्तार और सुरक्षित यात्रा का बेहतरीन उदाहरण भी है।
Updated on:
6 Feb 2026, 9:31 PM IST
Published on:
6 Feb 2026, 9:31 PM IST
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