अपने संबोधन में मौलाना जर्जिस अंसारी ने कहा कि प्रदेश में हिंदू त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान सड़कों पर लंगर, भंडारे और जुलूस आयोजित होते हैं। उन्होंने सवाल किया कि यदि अन्य धार्मिक गतिविधियां सार्वजनिक स्थानों पर हो सकती हैं, तो जुमे की नमाज के लिए कुछ समय की अनुमति क्यों नहीं दी जाती। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को मस्जिदों के भीतर ही नमाज पढ़ने के लिए कहा जाता है, जबकि अन्य समुदायों के कार्यक्रम सड़कों पर आयोजित होते हैं।