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सड़क पर नमाज को लेकर मौलाना जर्जिस अंसारी का सवाल, ‘लंगर-भंडारे सड़क पर, तो नमाज क्यों नहीं?’

Road namaz controversy : उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक स्थानों पर नमाज को लेकर जारी बहस के बीच मौलाना जर्जिस अंसारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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लखनऊ

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Avaneesh Kumar Mishra

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Updated: 15 Feb 2026, 6:54 PM IST

सड़क पर नमाज को लेकर मौलाना जर्जिस अंसारी ने किया सवाल, PC- X

उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक स्थानों पर नमाज को लेकर जारी बहस के बीच मौलाना जर्जिस अंसारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो किसी धार्मिक जलसे का है, जिसमें वे प्रदेश सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते नजर आ रहे हैं।

अपने संबोधन में मौलाना जर्जिस अंसारी ने कहा कि प्रदेश में हिंदू त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान सड़कों पर लंगर, भंडारे और जुलूस आयोजित होते हैं। उन्होंने सवाल किया कि यदि अन्य धार्मिक गतिविधियां सार्वजनिक स्थानों पर हो सकती हैं, तो जुमे की नमाज के लिए कुछ समय की अनुमति क्यों नहीं दी जाती। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को मस्जिदों के भीतर ही नमाज पढ़ने के लिए कहा जाता है, जबकि अन्य समुदायों के कार्यक्रम सड़कों पर आयोजित होते हैं।

कांवड़ यात्रा और सुरक्षा व्यवस्था पर टिप्पणी

मौलाना ने कांवड़ यात्रा के दौरान होने वाली व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांवड़ियों के लिए विशेष इंतजाम किए जाते हैं, यहां तक कि कई जगहों पर पुष्पवर्षा भी होती है। इस संदर्भ में उन्होंने समान व्यवहार की मांग की।

‘माहौल ठीक नहीं’ का आरोप

वायरल वीडियो में मौलाना यह भी कहते सुनाई दे रहे हैं कि प्रदेश में मुसलमानों के लिए माहौल अनुकूल नहीं है। उन्होंने मदरसों, लाउडस्पीकर और धार्मिक गतिविधियों से जुड़े नियमों पर सख्ती का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां एकतरफा हैं। हालांकि, प्रशासन या सरकार की ओर से इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसको लेकर बहस छिड़ गई है। एक पक्ष जहां मौलाना के बयान को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इसे भड़काऊ बता रहा है। गौरतलब है कि प्रदेश में सार्वजनिक स्थलों पर धार्मिक आयोजनों को लेकर समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किए जाते रहे हैं। प्रशासन का कहना रहा है कि कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है।