अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थक तत्वों द्वारा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा, 'इन लोगों से आप क्या उम्मीद कर सकते हैं? ये शंकराचार्य की बेइज्जती कर रहे हैं। क्या हमारी औकात है कि हम शंकराचार्य के खिलाफ कुछ कह सकें? क्या इसके लिए भी कोई नया कानून लाएंगे?' सपा प्रमुख ने कहा कि देश की धार्मिक परंपराओं और संत समाज का सम्मान राजनीतिक मतभेदों से ऊपर होना चाहिए।