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30 साल से मेरठ में रही पाकिस्तानी मां-बेटी, खुफिया हथियार बनकर भेज रही थीं ISI को जानकारी, ऐसे खुला राज

यूपी के मेरठ से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां रह रही एक मां-बेटी पर पाकिस्तानी जासूस होने का गंभीर आरोप लगा है।

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मेरठ

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Anuj Singh

Feb 17, 2026

पाकिस्तानी मां-बेटी पर आरोप

पाकिस्तानी मां-बेटी पर आरोप

Meerut Crime News: उत्तर प्रदेश के मेरठ के देहली गेट थाना क्षेत्र में जली कोठी स्थित नादिर अली कोठी में पिछले 30 साल से रह रही एक महिला और उसकी बेटी के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि ये मां-बेटी बिना भारतीय नागरिकता के भारत में रह रही हैं और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी कर रही हैं। वे गोपनीय जानकारियां सीमा पार पहुंचा रही थीं। इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस के साथ-साथ LIU (लोकल इंटेलिजेंस यूनिट) और स्पेशल इंटेलिजेंस की टीमें भी जांच में लग गई हैं। पुलिस अब इनके अन्य परिवार वालों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

शिकायतकर्ता ने क्या बताया?

देहली गेट इलाके की रहने वाली रुकसाना ने पुलिस को तहरीर दी। उनके अनुसार, जली कोठी में रहने वाले फरहत मसूद (पुत्र मसूद अहमद) ने साल 1988 में पाकिस्तान जाकर सबा उर्फ नाजी नाम की पाकिस्तानी महिला से शादी की थी। इस शादी से उन्हें तीन बच्चे हुए। साल 1993 में सबा पाकिस्तान गई और वहां 25 मई 1993 को उनकी चौथी बेटी ऐमन फरहत का जन्म हुआ। पाकिस्तान से भारत लौटते समय सबा ने अपने पाकिस्तानी पासपोर्ट पर ऐमन की एंट्री कराई और भारत आ गई। यहां आने के बाद ऐमन का दाखिला मेरठ कैंट के एक नामी स्कूल में कराया गया, लेकिन उसे कभी भारतीय नागरिकता नहीं दिलाई गई।

फर्जी दस्तावेजों का आरोप

पुलिस को दी गई शिकायत में कहा गया है कि सबा और ऐमन फरहत आज भी तकनीकी रूप से पाकिस्तानी नागरिक हैं। सबा पर आरोप है कि उसने जालसाजी करके फर्जी दस्तावेज तैयार किए और ऐमन का फर्जी भारतीय पासपोर्ट बनवा लिया। इतना ही नहीं, सबा ने मतदाता सूची में हेरफेर कर दो अलग-अलग नामों से वोटर कार्ड बनवा लिए। एक नाम सबा मसूद और दूसरा नाजिया मसूद रखा गया, जबकि दोनों नाम एक ही पाकिस्तानी महिला के हैं। इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मां-बेटी ने कई बार विदेश यात्राएं भी की हैं। पुलिस अब इन सभी बातों की गहराई से जांच कर रही है।

जांच में जुटी कई टीमें

यह मामला बहुत संवेदनशील है, इसलिए पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया है। एलआईयू और स्पेशल इंटेलिजेंस की टीमें सक्रिय हो गई हैं। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या मां-बेटी ने सच में जासूसी की है या नहीं। साथ ही जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या यह शिकायत आपसी रंजिश या पुरानी दुश्मनी की वजह से की गई है। शहर के बीचों-बीच इतने सालों से संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं, लेकिन स्थानीय खुफिया तंत्र को पता नहीं चला। अब इस मामले के सामने आने के बाद कई लोग एलआईयू और इंटेलिजेंस की नाकामी पर सवाल उठा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं पर पूरी जांच होगी और सच सामने लाया जाएगा।

परिवार और इलाके में हलचल

इस खबर से इलाके में काफी हलचल मची हुई है। लोग हैरान हैं कि इतने सालों तक यह सब कैसे छिपा रहा। पुलिस अब सबा और ऐमन फरहत के अन्य रिश्तेदारों से भी पूछताछ कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही साफ तस्वीर सामने आएगी कि आरोप कितने सच्चे हैं।